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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Crime: डिप्टी डायरेक्टर और उसकी पत्नी को हुई 14 दिन की जेल, दोस्त की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोप

By AgencyEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Wed, 23 Aug 2023 03:52 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 23 Aug 2023 04:04 PM (GMT+05:30)

मामले की जांच कर रही एक टीम मंगलवार को बुराड़ी स्थित चर्च और आरोपी के घर पहुंची। वहां पुलिस ने ...और पढ़ें

Delhi Minor Abuse Case में आरोपी प्रेमोदय खाखा और पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Delhi Minor Abuse Case में आरोपी प्रेमोदय खाखा और पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

HighLights

  1. साक्ष्य जुटा रही पुलिस, कई लोगों से पूछताछ की तैयारी
  2. नशीला पदार्थ खिला आरोिपत करता था दुष्कर्म
  3. पुलिस पूछताछ में लगातार खुद को बेकसूर बता रहा आरोपी

नई दिल्ली, एएनआई। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के निलंबित उपनिदेशक प्रेमोदय खाखा को दोस्त की नाबालिग बेटी से महीनों तक दुष्कर्म करने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। तीस हजारी कोर्ट के विशेष पॉक्सो जज ने बुधावर को इस मामले में आरोपी प्रेमोदय खाखा की पत्नी सीमा को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पति के गुनाह पर पर्दा डालती रही पुलिस

निलंबित उपनिदेशक प्रेमोदय खाखा पर आरोप है कि वह दोस्त की नाबालिग बेटी को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करता था। उसने पहली बार 31 अक्टूबर, 2020 को दुष्कर्म किया था और जनवरी 2021 तक हवस का शिकार बनाता रहा। इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रेमोदय की पत्नी सीमा उसके गुनाह पर पर्दा डालती रही।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यौन उत्पीड़न के दौरान नाबालिग गर्भवती हो गई, उसका गर्भ गिराने के लिए आरोपी की पत्नी ने उसे गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई थी। इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में सरकारी अधिकारी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार, अपने पिता की मौत के बाद नाबालिग लड़की अक्टूबर 2020 से फरवरी 2021 तक बुराड़ी में आरोपी के घर पर रही। रही। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आरोपी अधिकारी को निलंबित कर दिया।

स्वाति मालीवाल ने अमित शाह को लिखा पत्र

किशोरी से हुए दुष्कर्म के मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने और अधिकारियों को पीड़िता या उसकी मां से मिलने की अनुमति का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए एम्स में स्थानांतरित करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा, यदि पीड़िता व उसका परिवार एम्स नहीं जाना चाहता है, तो पीड़िता की जांच के लिए एम्स से डाक्टरों की टीम भेजी जानी चाहिए, जो उसके इलाज की निगरानी करे।

साक्ष्य जुटा रही पुलिस, कई लोगों से पूछताछ की तैयारी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी को साथ लेकर कई जगहों की पहचान करनी है। साथ ही कई लोगों से पूछताछ करनी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि अंतरमुखी स्वभाव की पीड़िता कहीं अपनी बात जरूर लिखती होगी।

ऐसे में उसकी डायरी आदि को भी खंगाला जा रहा है। अधिक समय बीत जाने से मामले में साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर सीसीटीवी कैमरे की दो फुटेज सामने आई है। एक प्रेमोदय के घर की है, जिसमें वह कार से जाता दिख रहा है। अखबारों और मीडिया में अपने बारे में समाचार देखकर वह सतर्क हो गया।

अधिकारियों के विरुद्ध आरोपों की जांच जरूरी: सचदेवा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि नौ वर्ष में कितने अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायत की गई है। उन शिकायतों पर इस सरकार ने क्या कार्रवाई की है।

मंत्री कैलाश गहलोत ने आरोपी अधिकारी को ओएसडी बनाया था। उनके इस्तीफे की मांग पर बुधवार को भाजपा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने ओएसडी के चयन का विकल्प दिया गया था। उन्होंने उसी अधिकारी को अपना ओएसडी बनाया, जिस पर मित्र की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा है।

एनसीपीसीआर ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव नरेश कुमार को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। एनसीपीसीआर प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने कहा है कि हमने पीड़िता, उसकी मां और डाक्टरों से बातचीत की। दिल्ली सरकार पहले दिन से ही लापरवाही बरती गई।