नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली के बच्चों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या बढ़ रही है। शिक्षा और जागरूकता की कमी बच्चों को मादक पदार्थो के सेवन की ओर आकर्षित करती है। ऐसे बच्चों को मदद की आवश्यकता है। अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसी आवश्यकता के मद्देनजर एक अनूठी पहल शुरू की है। बच्चों को नशे से दूर करने के लिए दिल्ली के हर जिले में वन स्टाप सेंटर सूर्योदय खोला जाएगा। यह बात दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने शनिवार को नशामुक्ति केंद्र वन स्टाप सेंटर सूर्योदय के उद्घाटन अवसर पर कहीं।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यह महिला एवं बाल विकास विभाग और दिल्ली हाइ कोर्ट की जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के मार्गदर्शन और समर्थन से शुरू की गई पहल है। इस वन स्टाप सेंटर में नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के सम्पूर्ण विकास पर जोर दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव शकधर और जेजेसी के अध्यक्ष द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता, न्यायमूर्ति अनु मल्होत्र और जेजेसी के सदस्य समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

डिजिटल लाइब्रेरी से लैस है वन स्टाप सेंटर

वन स्टाप सेंटर लाभार्थियों को नशीली दवाओं का सेवन बंद करने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह सेंटर डिजिटल लाइब्रेरी से भी लैस है, जो छात्रों को मुफ्त आनलाइन कोचिंग और बौद्धिक उत्तेजना के लिए सक्षम करेगा। इसके साथ इस योजना के तहत बच्चों को शिक्षित करने का भी प्रविधान है। इसके लिए बच्चों को कोचिंग सेंटर के साथ ही स्कूलों में भी भेजा जाएगा, ताकि वह अच्छे नागरिक बन सकें।

कैबिनेट मंत्री ने कहा, "हमें दिल्ली के हर जिले में ऐसे वन स्टॉप सेंटर स्थापित करनी चाहिए, तभी हम शहर में नशाखोरी की समस्या को रोक सकते हैं।" इस केंद्र की विशेषता यह है कि यह न केवल नशे का सेवन करने वालो को, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बना है। यह उन परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करेगा, जिनके सदस्य नशे के शिकार हो गए हैं।

Edited By: Mangal Yadav