नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं और अपना मुंह और नाक ढकने के लिए गमछे या इस जैसे कुछ चीज इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये मान्य नहीं होगा। आपको अपने चेहरे और मुंह को ढकने के लिए प्रॉपर तरीके से मास्क का ही इस्तेमाल करना होगा वरना नियम के तहत आपको जुर्माना भरना होगा। दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण काफी तेजी से फैला है। पहले चरण में लगे लॉकडाउन के कारण लगभग तीन माह तक मेट्रो का संचालन भी बंद रहा था। जब फिर से मेट्रो पटरी पर आई तो ये व्यवस्था की गई कि सभी को मास्क लगाकर ही मेट्रो में प्रवेश दिया जाएगा।

इसके अलावा शारीरिक दूरी का भी पालन करना होगा। मेट्रो ने सभी सीटों पर बैठने के लिए मार्किंग भी कर दी। उसके बाद भी कई यात्री निर्धारित किए गए नियमों का पालन नहीं कर रहे थे उनको नियमों का पालन कराने के लिए फ्लाइंग स्कवायड बनाए गए। अब इस स्कवायड की टीम नियम न मानने वालों का जुर्माना कर रही है। उनसे पेनाल्टी वसूली जा रही है। लगभग दो सप्ताह शुरू किए गए अभियान में अब तक 3000 से अधिक लोगों से पेनाल्टी वसूल की जा चुकी है। पकड़े जाने पर लोग तरह-तरह के बहाने बनाते हैं मगर टीम के लोग उनकी एक नहीं सुनते।

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स्कवायड में शामिल लोगों का साफ कहना होता है कि मास्क का मतलब मास्क होता है। इसी से नाक और मुंह को ठीक तरह से ढका जा सकता है इसके अलावा कोई भी साधन इनको ठीक तरह से कवर नहीं कर पाता है। यदि कवर भी कर लेता है तो कुछ समय के लिए ही होता है। यदि लोग बिना मास्क के आते हैं या उसे ठीक से नहीं लगाते हैं तो उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है। साथ ही हिदायत भी दी जा रही है कि वो मास्क का ही प्रयोग करें।

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) ने भी कमर कस ली थी। मेट्रो स्टेशन हो या फिर ट्रेन यात्रा के दौरान, डीएमआरसी शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कराने के साथ मास्क न लगाने पर कार्रवाई के तहत 200 रुपये का चालान कर रहा है। इतना ही नहीं, पीक आवर में अगर झमता से अधिक यात्री मेट्रो स्टेशन पर आने की कोशिश करते हैं तो डीएमआरसी एंट्री बंद करवा देता है। यह सिलसिला लगातार पिछले 15 दिनों से चल रहा है।

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इस बीच डीएमआरसी ने ताजा ट्वीट में मेट्रो कंपार्टमेंट में गमछे का इस्तेमाल करने वाले की फोटो ट्वीट की, कहा कि इस तरह से नहीं चलेगा।इससे पहले मेट्रो ने एक फोटो और ट्वीट की थी जिसमें बच्चे मास्क लगाए हुए और सलीके से सीट पर बैठे हुए थे। लिखा था कि 'दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण के नियमों से ऊपर नहीं हैं। अगर ये बच्चे मास्क लगाने के साथ शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर सकते हैं तो आप क्यों नहीं?'

एक सप्ताह के भीतर काटे जा रहे हैं 3000 से अधिक यात्रियों का चालान

दिल्ली मेट्रो लगातार ऐसे लोगों को चालान कर रहा है जो शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं करते और मास्क नहीं लगाते हैं। दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान लोगों की लापरवाही का आलम यह है कि एक सप्ताह के दौरान औसतन 3000 लोगों को चालान किया जाता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से 200 रुपये फाइन के तौर पर लिए जाते हैं। ताजा मामले में डीएमआरसी ने अपने ट्वीटर हैंडल पर रोजाना चालान करने वालों की संख्या के बारे में जानकारी दे रही है।

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घाटे में चल रही मेट्रो को लगा झटका

यहां पर बता दें कि पिछले एक साल के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल निगम की ट्रेनों का संचालन 6 महीने तक बंद रहा। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक दिल्ली मेट्रो की सेवाएं स्थगित थीं। सितंबर के पहले सप्ताह से ट्रेनों का संचालन शुरू किया। मेट्रो का संचालन बंद रहने के दौरान डीएमआरसी को तकरीबन 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में एक बार फिर दिल्ली मेट्रो का संचालन एक सप्ताह तक बेहद सीमित यात्रियों के साथ होगा, ऐसे एक बार उसे घाटा होने के आसार हैं।

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