नई दिल्ली, जेएनएन। 5 महीने से भी अधिक समय बाद सोमवार से दिल्ली मेट्रो के साथ, गुरुग्राम रैपिड मेट्रो और एक्वा लाइन मेट्रो (नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो) का भी परिचालन शुरू हो गया है। पहले चरण में दिल्ली में सोमवार को सिर्फ यलो लाइन पर परिचालन शुरू हुआ है। वहीं, यात्रा के दौरान सिर्फ स्‍मार्ट कार्ड से किराया भुगतान की सुविधा है। वहीं, मास्क के बगैर मेट्रो में प्रवेश नहीं मिल रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मेट्रो स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। जिन लोगों ने मास्क नहीं पहना है, उनको बादली मेट्रो स्टेशन से वापस लौटाया जा रहा है। सोमवार को सिर्फ येलो लाइन पर ही मेट्रो सेवा शुरू हुई है। 12 सितंबर तक पूरे दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो की सभी लाइनों पर मेट्रो चलने लगेगी।

दिल्ली मेट्रो के साथ एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो का भी संचालन शुरू हो गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को गुरुग्राम जाना थोड़ा आसान हो जाएगा। फिलहाल ब्लू लाइन मेट्रो के नहीं चलने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को परेशानी आ रही है।

साइबर सिटी के नाम से जाने जाने वाले हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से येलो लाइन ठीक 7 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई।

यात्रा के दौरान लोग शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी करते नजर आए।

 

दो पालियों में होगा मेट्रो का परिचालन

मेट्रो का परिचालन दो पालियों में होगा। पहली पाली में सुबह सात से 11 बजे तक मेट्रो चलेगी। इसके बाद शाम चार बजे से रात आठ बजे तक मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। दोपहर में पांच घंटे मेट्रो का परिचालन बंद रहेगा।

स्टेशनों पर खुलेंगे सिर्फ एक गेट

इस कॉरिडोर के 36 स्टेशनों पर सिर्फ एक गेट खुलेंगे। सिर्फ कश्मीरी गेट स्टेशन पर दो गेट खुले रहेंगे। इसलिए यात्री परेशानी से बचने के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट या ट््वीटर हैंडल पर यह देख लें कि किस स्टेशन पर कितने नंबर का गेट खुला रहेगा।

सिर्फ 20 फीसद क्षमता के साथ चलेगी मेट्रो

मेट्रो के एक कोच में 48 यात्रियों के बैठने की सीट होती है लेकिन अभी एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गई है। इसलिए प्रत्येेक कोच में 24 यात्री बैठ पाएंगे। वहीं 25-26 यात्री एक से दो मीटर की दूरी बनाकर खड़े रह पाएंगे। इस तरह एक कोच में अधिकतम 50 व छह कोच की मेट्रो में 300 यात्री सफर कर पाएंगे। जबकि छह कोच की मेट्रो की क्षमता करीब 1800 यात्रियों की होती है। डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नए नियमों का पालन करते हुए 20 फीसद क्षमता के साथ ही मेट्रो चलेगी।

एक हजार अतिरिक्त कर्मचारी किए गए तैनात

डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशा का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसलिए डीएमआरसी ने एक हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया है। जो यात्रियों की मदद करेंगे और शारीरिक दूरी के नियम के पालन के लिए जागरूक करेंगे।

15 से 30 मिनट समय लेकर चलें अतिरिक्त

मेट्रो में सुरक्षा जांच व सामान सैनिटाइज करने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसके अलावा स्टेशनों पर भीड़ व कोच में निर्धारित क्षमता के अनुसार यात्रियों के मौजूद होने पर अन्य यात्रियों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इस वजह से यात्रियों को दूसरी मेट्रो ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। लिहाजा यात्री मेट्रो में सफर के लिए 15 से 30 मिनट अतिरिक्त समय लेकर निकलें।

भीड़ बढ़ने पर छोटे लूप में चलेंगी मेट्रो

स्टेशनों पर भीड़ बढऩे पर छोटे लूप में भी मेट्रो को चलाई जा सकती है। डीएमआरसी ने इसके लिए भी पूरी तैयारी की है। रविवार को येलो लाइन पर छोटे-छोटे लूप में मेट्रो का परिचालन कर ट्रायल भी किया गया।

कंटेनमेंट जोन के स्टेशन पर नहीं रुकेगी मेट्रो

कंटेनमेंट जोन में स्थित स्टेशन पर मेट्रो नहीं रुकेगी। मेट्रो में इसकी उद्घोषणा भी की जाएगी। मेट्रो के ट्विटर हैंडर से भी यह जानकारी लोगों को दी जाएगी।

कई स्टेशनों पर पुलिस कर्मी भी रहेंगे मौजूद

स्टेशनों पर एक हजार सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे। इसके लिए डीएमआरसी संबंधित एजेंसी के संपर्क में है। इसके अलावा कुछ ऐसे स्टेशनों की पहचान की गई हैं, जहां भीड़ अधिक हो सकती है। इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन स्टेशनों पर पुलिस कर्मी भी तैनात रहेंगे।

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