नई दिल्ली, जेएनएन। पिंक लाइन के शिव विहार-त्रिलोकपुरी कॉरिडोर पर 31 अक्टूबर से मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। इसी के साथ 314 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो दुनिया के 10 बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो जाएगी। यही नहीं मेट्रो का यह सबसे ज्यादा घुमावदार कॉरिडोर भी है।

मेट्रो के 17.86 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 10 तीक्ष्ण मोड़ हैं। खास बात यह कि इस कॉरिडोर पर तीन लूप में मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। जाहिर है कि शिव विहार से त्रिलोकपुरी के लिए सीधी मेट्रो नहीं मिलेगी, मौजपुर में मेट्रो बदलनी पड़ेगी।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का दावा है कि 35-38 मिनट में यह सफर पूरा हो सकेगा। इस कॉरिडोर पर 15 स्टेशन हैं। इस पर कुल 13 ट्रेनों का परिचालन होगा। पहला लूप शिव विहार-मौजपुर शिव विहार से त्रिलोकपुरी के बीच आवागमन के लिए यात्रियों को मौजपुर में मेट्रो बदलनी पड़ेगी। शिव विहार से मौजपुर के बीच चार स्टेशन हैं।

इस सेक्शन पर तीन मेट्रो ट्रेनें 5:12 मिनट के अंतर से चलेंगी। शिव विहार से चलने वाली मेट्रो मौजपुर से वापस हो जाएगी। यहां से आइपी एक्सटेंशन व त्रिलोकपुरी के लिए सीधी मेट्रो मिलेगी। दूसरा लूप- मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन के बीच 10 ट्रेने चलेंगी। यहां भी 5:12 मिनट के अंतराल पर म्रेटो का परिचालन किया जाएगा।

तीसरे लूप में सिंगल लाइन पर होगा परिचालन
तीसरा लूप आइपी एक्सटेंशन-त्रिलोकपुरी है। इस लूप में सिंगल लाइन पर मेट्रो का परिचालन होगा । यहां 15:36 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलेगी। मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन की ओर जाने वाली हर तीसरी मेट्रो सीधे त्रिलोकपुरी जाएगी।

जमीन विवाद के कारण परेशानी
पिंक लाइन (शिव विहार-मजलिस पार्क) की कुल लंबाई 58.59 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर पर मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी के बीच जमीन विवाद के कारण मेट्रो लाइन का निर्माण नहीं हो सका है। इसलिए मेट्रो ट्रेनें त्रिलोकपुरी से आगे नहीं बढ़ पाएंगी।

कॉरिडोर पर हैं ये स्टेशन
इस कॉरिडोर पर कुल 15 स्टेशन हैं। इसमें त्रिलोकपुरी-संजय लेक, विनोद नगर पूर्व-मयूर विहार 2, मंडावली-विनोद नगर पश्चिम, आइपी एक्सटेंशन, आनंद विहार, कड़कड़डूमा, कड़कड़डूमा कोर्ट, कृष्णा नगर, ईस्ट आजाद नगर, वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एन्क्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशन हैं। इसमें वेलकम, आनंद विहार व कड़कड़डूमा ये तीन इंटरचेंज स्टेशन होंगे।

दूसरा सबसे ऊंचा स्टेशन है इस रूट पर
कड़कड़डूमा में 21 मीटर की ऊंचाई पर मेट्रो स्टेशन बना है। यह दिल्ली मेट्रो का दूसरा सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है। धौला कुआं के पास पिंक लाइन कॉरिडोर की ऊंचाई सबसे ज्यादा, 23 मीटर है।

यात्रियों का बचेगा किराया
ये कॉरीडोर शुरू होने के साथ ही यात्रियों का किराया भी बचेगा। अब दिलशाद गार्डन से आनंद विहार जाने के लिए यात्रियों को केवल 30 रुपये खर्च करने होंगे। अभी तक यात्रियों को कश्मीरी गेट व राजीव चौक स्टेशन पर मेट्रो बदलकर आनंद विहार जाने के लिए 50 रुपये देना पड़ता था।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के ऊपर से गुजरेगी मेट्रो
आनंद विहार में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के ऊपर से मेट्रो कॉरिडोर गुजर रहा है। डीएमआरसी के अनुसार इस कॉरिडोर के छह पिलर रेलवे के क्षेत्र में बनाए गए हैं। इसमें से दो पिलर प्लेटफार्म पर बने हैं। स्टेशन के पास रेलवे के क्षेत्र में मेट्रो एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण में 37 मीटर से लेकर 70 मीटर लंबाई के पांच स्पैन इस्तेमाल किए गए हैं।