नई दिल्ली [सौरभ श्रीवास्तव]। दिल्ली में लो-फ्लोर वातानुकूलित फीडर ई बसें शुरू होने से मेट्रो यात्रियों को राहत मिलेगी, यात्री स्मार्ट कार्ड के जरिये इनमें प्रवेश ले सकेंगे और उतर सकेंगे। दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) बृहस्पतिवार से लो-फ्लोर वातानुकूलित फीडर ई बसें सड़कों पर उतारने जा रहा है, जो मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत की बात है। ट्रायल के तौर पर शुरुआत में पूर्वी दिल्ली के दो रूटों पर ऐसी 25 बसें चलाई जाएंगी। खास बात यह है कि ये नई बसें कैशलेस होंगी यानी यात्रियों को टिकट के लिए नकद भुगतान नहीं करना होगा। यही नहीं, इनमें परिचालक भी नहीं होगा। इन बसों में यात्री स्मार्ट कार्ड के जरिये प्रवेश ले सकेंगे और उतर सकेंगे। इन बसों का ट्रायल पूरा हो जाने के बाद डीएमआरसी की अक्टूबर माह के अंत तक दस रूटों पर ऐसी सौ मेट्रो फीडर बसों का परिचालन करने की योजना है, जो यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों से उनके गंतव्य तक सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगी।

दिल्ली में विभिन्न रिहायशी इलाकों व बाजारों से मेट्रो स्टेशनों तक आने-जाने को लेकर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए राजधानी के कई इलाकों में फीडर बसों की उपलब्धता नहीं है, जो यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। यह सही है कि इस पर डीएमआरसी काम कर रहा है, लेकिन अब तक कई रूटों पर पर्याप्त संख्या में मेट्रो फीडर बसें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। फीडर बसों की कमी दूर करने की दिशा में डीएमआरसी का नई लो-फ्लोर वातानुकूलित ई बसें सड़कों पर उतारना राहत की उम्मीद जगाता है। यदि अक्टूबर तक सौ मेट्रो फीडर बसें सड़कों पर उतार दी जाएंगी तो मेट्रो यात्रियों को काफी हद तक राहत मिल सकेगी।

डीएमआरसी को जहां उसके पास उपलब्ध सभी फीडर बसों को जल्द सड़कों पर उतारना चाहिए, वहीं फीडर बसों की आवश्यकता के मद्देनजर नई बसें खरीदने की दिशा में भी ठोस प्रयास करने चाहिए। यात्रियों का यदि मेट्रो स्टेशनों तक आने-जाने का सफर सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाए तो मेट्रो के प्रति यात्रियों की स्वीकार्यता बढ़ जाएगी, जो राजधानी में यातायात जाम और प्रदूषण घटाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

Edited By: Jp Yadav