नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए मतदान चार दिसंबर को होगा, लेकिन दिव्यांग और 80 से अधिक उम्र वाले मतदाताओं का मतदान शुरू हो गया है। इसके साथ ही साथ चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों की वोटिंग प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। एक दिव्यांग और 80 से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों से घर पर जाकर ही मतदान कराया जा रहा है। जबकि चुनाव ड्यूटी पर लगे सभी कर्मियों को पहले प्रशिक्षण के दौरान बैलेट पेपर दे दिया गया था। अब दो दिसंबर तक आखिरी प्रशिक्षण विभिन्न जिला निर्वाचन कार्यालयों के अधीन होना है। मास्टर ट्रेनर्स के साथ मतदान में काम करने वाले कर्मी भी वहीं पर बेलेट पेपर से ही वोट कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के 40 हजार कर्मी चुनावी ड्यूटी में तैनात

दिल्ली राज्य चुनाव आयुक्त डा.विजय देव ने बताया कि दिल्ली में 54 प्रतिशत से अधिक मतदान निगम चुनाव में नहीं होता हैं। इतना ही नहीं, कर्मी भी अपना बैलेट पेपर से वोट इसलिए नहीं डाल पाते थे क्योंकि वह ट्रेनिंग में व्यस्त रहते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमारी कोशिश थी कि चुनाव ड्यूटी पर लगे वह कर्मी जो दिल्ली के 250 वार्ड क्षेत्र में मतदाता हैं उनको पहले प्रशिक्षण के दौरान बेलेट पेपर दे दिया है। जहां उन्हें घर से ही मत करके लाना है और फिर बंद लिफाफे को चुनाव अधिकारियों के समक्ष दूसरे प्रशिक्षण में कर देना है।

दिल्ली राज्य चुनाव आयुक्त देव ने बताया कि एक लाख के करीब निगम से लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मी लगे हुए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस के भी 40 हजार के करीब कर्मी इस मतदान में ड्यूटी देंगे। इसलिए उनसे भी मतदान बेलेट पेपर से कराया जा रहा है। नियमानुसार मतगणना के दिन मतगणना केंद्र पर मतगणना तक पहुंचने वाले इस बेलेट पेपर को मतदान में गिना जाता है। मतगणना शुरू होने के बाद पहुंचने वाले बेेलेट पेपर को मान्य नहीं माना जाता।

कैसे हो रही हैं दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों की वोटिंग

राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही 80 से अधिक उम्र वाले मतदाताओं के साथ ही दिव्यांग मतदाताओं की पहचान कर रखी हैं। बैलेट पेपर से मतदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों ने चार से पांच सदस्यीय एक टीम बना रखी है। जो ऐसे विशेष मतदाताओं से घर पर ही मतदान करा रहे हैं। यह टीम ऐसे विशेष मतदाताओं के घर जाकर बीएलओ के साथ एक राजपत्रित अधिकारी, एक पुलिस कर्मी और एक वीडियोग्राफर के साथ सिविल डिफेंस वालंटियर मतदाताओं के घर जा रहा है। घर जाने के दौरान मतदाताओं को संपर्क किया जाता है फिर उन्हें मतदान की प्रक्रिया समझाई जाती है। इसके बाद उस बेलेट पेपर को सील कर दिया जाता है। इस दौरान पूरी कार्रवाई की वीडियो ग्राफी की जाती है। इतना ही नहीं मतदान गुप्त रहे यह भी सुनिश्चित किया जाता है। हालांकि कोई 80 से अधिक वर्ष वाला मतदाता बेलेट पेपर से चुनाव न कर मतदान केंद्र पर चुनाव करना चाहता है तो यह मतदाता की इच्छा पर निर्भर करेगा। 80 से अधिक आयु व दिव्यांग मतदाताओं के लिए बेलेट पेपर मतदान करना बाध्य नहीं है।

पहली बार किया गया है यह प्रयोग

दिल्ली नगर निगम चुनाव में पहली बार 80 से अधिक वर्ष के आयु के मतदाताओं की बेलेट पेपर के साथ ही चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों से पहले ही मतदान करा लिया जा रहा है। आयोग के अनुसार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए यह विशेष कदम उठाए गए हैं। साथ ही मतदाताओं को सहूलियत भी दी गई है। अभी तक विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यह प्रयोग होता था। राज्य चुनाव आयुक्त विजय देव ने यह निर्णय लिया था ताकि चुनाव ड्यूटी पर लगे मतदाताओं का भी वोट न छूटे।

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Edited By: Abhi Malviya

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