नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली में कोरोना से गंभीर हुए हालात अब सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में बड़ा सवाल घूम रहा है कि लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं। इस बात को समझने के लिए हमें सबसे पहले दिल्ली के हालात क्या हैं इनको समझना चाहिए। दिल्ली में अप्रैल में माह में संक्रमण काफी ज्यादा था उस वक्त ऑक्सीजन की मारामारी से लेकर हालात इस कदर खराब हो गए थे कि लोग जरूरी दवाओं और इलाज के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो गए थे। हालांकि अब यह हालात नहीं हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर दिल्ली में हालात को काबू किया और अब अस्पतालों में बेड की समस्या कम हो गई मगर आइसीयू बेड कि किल्लत अब भी बरकार है। इन सबके बीच सरकार यह फैसला जल्द ही ले सकती है कि दिल्ली में लॉकडाउन आगे बढ़ाना है या नहीं।

आइए जानते हैं दिल्ली में सबसे पहले क्या है संक्रमण दर

देश की राजधानी में दिल्ली में कोरोना के मामले में लगातार कमी तो देखी जा रही है मगर संक्रमण दर अभी भी दस फीसद से ऊपर है जिसे आम तौर पर खतरनाक कहा जा सकता है। इधर सक्रिय मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है। अस्पताल और होम आइसोलेशन में मरीज लगातार कम हो रहे हैं। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संक्रमण दर 12.40 फीसद पर आ गई है।

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कितने आए नए मामले

दिल्ली में कोरोना के नए मामलों पर गौर करें तो यह पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है। पहले जहां 20 हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे थे वहीं अब यह दस हजार से कम हो गए हैं। शुक्रवार को 8506 मरीज सामने आए थे। हालांकि मौत को लेकर चिंता जारी है। बीते 24 घंटे में 289 मरीजों की मौत हो गई थी। इन सबके बीच ठीक होने वालों मरीजों की संख्या नए संक्रमितों से ज्यादा दिख रही है बीते तीन चार दिनों से। यह इस बात का संकेत है कि दिल्ली में मामले अब कंट्रोल में आ रहे हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 14140 रही। मरीज के ठीक होने की दर भी 93 फीसद से ज्यादा दर्ज की गई है।

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बाजार का क्या है मूड

बाजार के मूड की बात की जाए तो यह आपको बता दें कि दिल्ली के व्यापारी यह खुद चाहते हैं कि दिल्ली में फिलहाल एक हफ्ते का लॉकडाउन और बढ़ाया जाए ताकि कोरोना के नए संक्रमण पर पूरी तरह लगाम लग सके। लॉकडाउन के कारण बाजार की गतिविधियां तो पूरी तरह से ठप हैं मगर यह बात सीएम ने पहले ही बता दिया था कि पहले जान है तब जहान है। बता दें कि द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने ज्वेलरी बाजार कूचा महाजनी के साथ ही पुरानी दिल्ली की थोक व खुदरा बाजारों की स्थिति को सामने रखते हुए कहा कि ये बाजारें संकरी गलियों में स्थित है। अगर लॉकडाउन को हटा दिया गया तो स्थिति फिर से भयावह होने का अंदेशा है।

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