यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिर्फ 90 मिनट में दिल्ली से पहुंच सकेंगे करनाल, नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ेंगे हरियाणा के ये शहर
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर भी काम शुरू होने की संभावना है जिससे 136 किमी की दूरी 90 ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर जल्द काम शुरू |
- 136 KM की दूरी 90 मिनट में |
- सराय काले खां से जुड़ेगा कॉरिडोर |
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत के पूर्ण संचालन की तैयारियों के बीच अब दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर भी जल्द काम शुरू होने की संभावना है। इस कॉरिडोर पर दिल्ली से मुरथल, पानीपत और करनाल की 136 किमी की दूरी केवल 90 मिनटों में पूरी हो जाएगी। इसके अलावा कश्मीरी गेट से मुरथल पहुंचने में मात्र 30 मिनट, इंद्रप्रस्थ से सोनीपत महज 35 मिनट व कश्मीरी गेट से पानीपत के सफर में एक घंटे से भी कम समय लगेगा।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के विश्वस्त सूत्रों ने इस कॉरिडोर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इस कॉरिडोर के लिए पहले ही मंजूरी दे चुकी है, अब दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद यहां भी हरी झंडी दिखा दी गई है।
कॉरिडोर की फाइल अब पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड के पास
सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र सरकार के तमाम मंत्रालयों से होते हुए इस कॉरिडोर की फाइल अब पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआइबी) के पास पहुंच गई है। यहां से यह सीधे कैबिनेट में ही रखी जाएगी और कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
180 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन गति एवं 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति वाली नमो भारत ट्रेनें हरियाणा और दिल्ली के महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। यह कॉरिडोर हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और शिक्षा केंद्रों से होकर गुजरेगा, जिनमें सोनीपत एजुकेशन सिटी, कुंडली, बरही औद्योगिक क्षेत्र, पानीपत, आईओसीएल रिफाइनरी और करनाल जैसे बड़े शहरी केंद्र शामिल हैं।
काफी कम समय में दूरी तय करेंगी नमो भारत
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर में ऐसे सभी महत्वपूर्ण केंद्रों पर स्टेशन प्रस्तावित हैं। नमो भारत ट्रेनें अन्य उपलब्ध परिवहन विकल्पों की तुलना में काफी कम समय में ये दूरी तय करेंगी। इसके परिणामस्वरूप कामकाजी लोगों, औद्योगिक श्रमिकों, अंतर-शहरी यात्रियों व छात्रों आदि के लिए महत्वपूर्ण अवसरों का सृजन भी होगा।
अधिकारियों ने बताया कि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी इस परियोजना का अहम सिद्धांत है, जहां नमो भारत स्टेशन रेलवे, मेट्रो, आईएसबीटी, हवाई अड्डे एवं बस स्टेशनों जैसे मौजूदा सार्वजनिक परिवहन विकल्पों के साथ सहजता से जुड़े हैं। दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर पर भी इसी तरह का एकीकरण देखने को मिलेगा। यह ‘पीएम गति शक्ति’ राष्ट्रीय मास्टर प्लान के भी अनुरूप है।
यह कॉरिडोर सराय काले खां से जुड़ेगा और इंटरआपरेबल होगा
इसके अतिरिक्त यह कॉरिडोर भी सराय काले खां से जुड़ेगा और इंटरआपरेबल होगा। इसी तरह भविष्य में दिल्ली -अलवर कॉरिडोर भी यहीं से जुड़ेगा। इसका मतलब है कि करनाल से चलने वाली नमो भारत ट्रेन सीधे गाजियाबाद, मेरठ या गुरुग्राम और बावल तक जा सकती है, यात्रियों को ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। सहजता से आवागमन करने की सुविधा मिलेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली और हरियाणा के बीच 136 किमी लंबे इस कॉरिडोर का करीब 100 किमी हिस्सा हरियाणा में आता है जबकि बाकी 36 किमी दिल्ली से होकर गुज़रेगा। इसे दिल्ली के सराय काले खां से शुरू कर हरियाणा के करनाल में करनाल न्यू आईएसबीटी तक बनाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए कुल 18 स्टेशनों की योजना बनाई गई है। सराय काले खां के अलावा, इनमें से 7 स्टेशन दिल्ली में और 11 स्टेशन हरियाणा में होंगे। साथ ही संचालन में सहायता के लिए मुरथल और गंजबर में एक-एक डिपो भी होगा।
