यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
याचिका सुनवाई योग्य नहीं होने के तर्क पर लिखित जवाब दाखिल करे ईडी, दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन मामले पर मांगा जवाब
दिल्ली दंगा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद करने की मांग करने वाली पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन की ...और पढ़ें

HighLights
- पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है हाईकोर्ट।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली दंगा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद करने की मांग करने वाली पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन की याचिका के सुनवाई योग्य नहीं होने का तर्क देने के बिंदु पर दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
ईडी के वकील द्वारा ताहिर की याचिका की विचारणीयता पर सवाल उठाने के बाद न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा की पीठ ने उक्त आदेश दिया। मामले की सुनवाई सितंबर तक के लिए स्थगित करते हुए हुसैन के अधिवक्ता को ईडी के जवाब पर प्रत्युत्तर दाखिल करने की छूट दी।
वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी के माध्यम से हुसैन ने प्रवर्तन मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर), ईडी की प्राथमिकी के संस्करण को रद करने की मांग की है। ईडी के वकील ने दावा किया कि आरोपित की इसी तरह की याचिका पूर्व में दिल्ली हाईकोर्ट खारिज कर चुका है। हालांकि, हुसैन के वकील ने इस दलील का विरोध किया और कहा कि पिछली याचिका आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ एक पुनरीक्षण याचिका थी, जबकि वर्तमान याचिका ईडी की शिकायत को रद करने के निर्देश देने की मांग के लिए है।
24 नवंबर 2022 को हाईकोर्ट ने मनी लांड्रिंग के आरोप तय करने को चुनौती देने वाली हुसैन की याचिका खारिज कर दी थी। ईडी की शिकायत के अनुसार हुसैन ने फर्जी बिलों के बल पर फर्जी एंट्री आपरेटरों के माध्यम से अपने स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों के बैंक खातों से धोखाधड़ी से पैसे निकाले। ईडी की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हुसैन काले धन का अंतिम लाभार्थी था और आपराधिक साजिश के माध्यम से प्राप्त धन का इस्तेमाल फरवरी 2020 में दंगों के दौरान किया गया था।
