नई दिल्ली [जेएनएन]। उच्च न्यायालय ने वित्त मंत्री अरूण जेटली के बैंक खातों, टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी है। जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर रखा है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि जेटली के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के लेन-देन और उनकी और परिजन की 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाली कंपनियों की जानकारी मांगने वाली केजरीवाल की याचिका 'बेवजह की पूछताछ' है। जेटली ने वर्ष 2015 में मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की थी।

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आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट असोसिएशन में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर जेटली और उनके परिवार के सदस्यों पर सोशल मीडिया समेत कई मंचों से कथित तौर पर निशाना साधा था। जेटली करीब 13 साल वर्ष 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे। जेटली पहले ही इन आरोपों से इंकार कर चुके हैं।

केजरीवाल की अर्जियां तो अदालत में खारिज हो गईं। लेकिन आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा के लिए यह मामला इस लिहाज से सुखद रहा कि अदालत ने एक अतिरिक्त मुद्दा तय करने की उनके इस आवेदन को स्वीकार कर लिया कि एक सार्वजनिक हस्ती के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर दिए गए बयान मानहानि की कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं।

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हालांकि भाजपा नेता की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव नायर और वकील प्रतिभा एम सिंह के विरोध के बाद अदालत ने इसे अतिरिक्त मुद्दे के रूप में तैयार नहीं किया कि जेटली को यह साबित करना है कि उनके खिलाफ मानहानि वाले बयान दुर्भावना वश दिए गए थे। अदालत ने वर्ष 2000-2001 से 2012-13 तक डीडीसीए की मूल वाषिर्क रिपोटरें और खातों के विवरण दखिल करने का उनका अनुरोध भी स्वीकार कर लिया।

Posted By: Amit Mishra

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