नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार  को आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा गणेश चतुर्थी समारोह के आयोजन के खिलाफ एक याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि दिल्ली सरकार का इस तरह का आयोजिन भारतीय संविधान की मूल विशेषता यानी धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करता है।

दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति अमित बंसल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की सुनवाई के बाद दिल्ली सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया।

अधिवक्ता एमएल शर्मा ने याचिका में कहा है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी अनुष्ठान का आयोजन किया और इसका टीवी पर सीधा प्रसारण भी किया गया।

दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित भव्य पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के साथ पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गणेश वंदना कर देशवासियों के कष्टों को दूर करने की प्रार्थना की गई।

गौरतलब है कि 10 सितंबर को शाम को आयोजित आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं दी थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते दिल्ली में पंडालों के सार्वजनिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं है, ताकि भीड़ से बचा जा सके। ऐसे में दिल्ली सरकार ने गणेश वंदना कार्यक्रम का आयोजन किया और देशवासियों ने परिवार के साथ अपने घरों से टीवी के जरिए इस कार्यक्रम में जुड़कर भगवान श्री गणेश की वंदना की है।

इस मौके पर चर्चित गायक और संगीतकार शंकर महादेवन और सुरेश वाडेकर भी महागणेश आरती करने के लिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए। 

Edited By: Jp Yadav