नई दिल्ली [राहुल सिंह]। पुरानी दिल्ली की नई सड़क स्थित बड़ हवेली में लगे वर्षों पुराने पेड़ को लेकर विवाद  दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बरगद का यह पेड़ करीब 300 साल पुराना हैं, जहां वर्षों से पुरानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से लोग आकर पूजा पाठ करते हैं। यह स्थानीय नागरिकों की आस्था से जुड़ा हुआ है, जिसे नहीं काटा जाना चाहिए। उधर,दूसरे पक्ष ने स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर इसे काटने की तैयारी की तो स्थानीय लोग ने कोर्ट में याचिका दायर की है।

नई सड़क के स्थानीय निवासी अतुल गुप्ता का कहना है कि यह पेड़ करीब 300 साल पुराना है। यह ऐतिहासिक पेड़ हैं। उन्होंने बताया कि मुगल काल में कुछ लोगों पर हमला किया गया था। इसके बाद हमले में घायल हुए उन लोग को इसी पेड़ की छांव में लाया गया था, जहां पुरानी दिल्ली के डॉक्टर माथुर ने उनका उपचार किया था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि यह पेड़ लोग की आस्था का केंद्र भी हैं, जहां आस-पास के हजारों लोग पूजा करते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ सावित्री के पर्व पर यहां दूर दूर से लोग आकर पूजा करते हैं। स्थानीय निवासी संजीव अग्रवाल का कहना है कि इस पेड़ को लोग की आस्था से जोड़कर देखा जाना चाहिए, जिसे नहीं काटा जाना चाहिए।

वहीं, कुछ लोगों ने बताया कि पिछले दिनों इस प्लाट के मालिकों ने पुरानी दिल्ली की जलान एडं नामक कंपनी को यह प्लाट बेच दिया था। इस कंपनी के चार मालिकों ने इस पेड़ को कटवाने के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति ली, जिसके बाद पेड़ को कटवाने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच कॉलोनी के ही लोग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और पेड़ को नहीं कटने की मांग की। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी 300 साल पुराने पेड़ को कैसे काट सकता है। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस