नई दिल्ली, एएनआइ। तब्लीगी मरकज जमात के 900 से अधिक सदस्यों को क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ने की मांग को लेकर 20 विदेशी नागरिकों की तरफ से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने 955 विदेशी नागरिकों को आवास के वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि सभी विदेशी नागरिकों को क्वारंटाइन केंद्रों से 9 विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इस दौरान तब्लीगी मरकज जमात ही उनके खाने-पीने के साथ ही दैनिक जरूरतों के लिए जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा। 

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली पुलिस के समक्ष वह सूची दी जाए, जिसमें उनके रहने के स्थान की जानकारी हो। इसी के साथ यह भी कहा गया है कि बिना सूचना दिए कोई भी जगह नहीं छोड़ सकता है या इसकी सूचना देनी होगी।

गौरतलब है कि तब्लीगी जमात के सदस्यों को क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ने की मांग को लेकर 20 विदेशी नागरिकों की तरफ से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई।

यह भी जानें

मार्च के अंतिम सप्ताह में हजारों जमातियों के हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज जमात में इकट्ठा होने की जानकारी मिली थी। यह इसलिए हैरान करने वाला था, क्योंकि दिल्ली सरकार पहले ही धारा-144 लगा चुकी थी और मॉल-सिनमा हॉल के साथ सभी धार्मिक स्थलों को भी बंद करने के आदेश जारी कर दिया था।

आरोप है कि तब्लीगी मरकज जमात के लोग टूरिस्ट वीजा पर आए और उन्होंने धार्मिक प्रचार शुरू कर दिया था। यह प्रचार वे तब भी कर रहे थे, जब भारत में कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गए थे।

पता चला है कि अकेले दिल्ली में ही 6 जमातियों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते अब तक हो  चुकी है। वहीं, अन्य राज्यों में जमातियों की संख्या ज्यादा है, जो कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा बैठे।

Posted By: JP Yadav

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