नई दिल्ली, वीके शुक्ला। आक्सीजन की कमी से हुई मौतों के मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस बात की जानकारी सिसोदिया ने सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एलजी को निर्देश दिया जाए कि वह गठित की गई जांच समिति को मंजूर दें ताकि जांच के बाद सही आंकड़ें केंद्र को भेजे जा सकें। उपमुख्यमंत्री ने पत्र में दिल्ली में हुए आक्सीजन संकट के समय सभी घटनाक्रमों और तथ्यों की जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह से दिल्ली में आक्सीजन की त्राहि-त्राहि मची हुई थी और अस्पताल तथा मरीज व उनके तीमारदार लगातार सरकार के पास संदेश भेज रहे थे।

इस दौरान कई लोगों की आक्सीजन की कमी से मौत भी हुई थी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में रोजाना 27-28 हजार नए मामले आने से दिल्ली में मेडिकल आक्सीजन की भरी कमी हुई, कई लोगों ने आक्सीजन की कमी से अपनी जान गंवाई।

पत्र में ये मुद्दे उठाए

  • यह कहना कि आक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जांच की जरूरत नहीं है, यह ठीक नहीं होगा।
  • दोबारा ऐसी भयावह स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों के आंकड़ों का देश के सामने आना जरूरी है।
  • आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों की जांच समिति गठित करने के साथ पीडि़त परिवारों को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया था।
  • संसद में आक्सीजन की कमी से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सवाल उठे तो केंद्र सरकार ने 26 जुलाई शाम में सभी राज्यों को ईमेल भेज कर 27 जुलाई दोपहर 12 बजे तक आक्सीजन की कमी से हुई मौतों के आंकड़े मांगे।
  •  जल्दबाजी में केंद्र सरकार ने कहा कि आक्सीजन की कमी से नहीं हुई कोई मौत।
  • इसके बाद केंद्र सरकार ने बयान जारी किया कि 13 अगस्त तक राज्य सौंप सकते हैं जवाब, लेकिन दिल्ली सरकार को इस बाबत कोई लिखित सूचना नहीं मिली।
  • दिल्ली सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर बताया कि केंद्र की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।

Edited By: Mangal Yadav