नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को ऑक्सीजन आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को लेकर वर्चुअल बैठक की। इसके संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पर्याप्त आक्सीजन आपूर्ति और बेहतर वितरण सुनिश्चित करने के लिए तीन आइएएस और 20 से अधिक काल सेंटर कर्मचारियों को नियुक्त किया है। ऑक्सीजन की आपूर्ति मंगलवार को 450 मीट्रिक टन हुई जो गुरुवार तक 500 मीट्रिक टन की पहुंचने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 590 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की है। दिल्ली सरकार के अधिकारी ने कहा है कि उन्हें आक्सीजन की आपूर्ति आसपास के जिलों रुड़की, पानीपत, गाजियाबाद आदि से की जानी चाहिए, ताकि कम समय में अधिक आपूर्ति हो सके। वर्तमान में ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के दूर के हिस्सों से हो रही है, जिसके कारण समय लग रहा है।

भारत सरकार ने दिल्ली को अतिरिक्त सात आइएसओ कंटेनर दिए हैं। दिल्ली के भीतर 14 रिफिलर हैं। इन रिफिलरों को विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं से तरल आक्सीजन मिल रही है। सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में बेड की क्षमता 5,200 से बढ़ाकर 7,200 करने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग 11 मई 2021 तक लगभग 976 मीट्रिक टन होगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 590 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की है। ऑक्सीजन की कोई कमी ना रहे यह सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार काम कर रही है। दिल्ली सरकार आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, ऑक्सीजन की आवाजाही नियमित करने और ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता निर्धारित रोस्टर के अनुसार दिल्ली को आपूर्ति करें, यह सुनिश्चित कराने की दिशा में काम कर रही है।

दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति आसपास के जिलों रुड़की, पानीपत, गाजियाबाद आदि से की जानी चाहिए, ताकि कम समय में अधिक आपूर्ति हो सके। वर्तमान में ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के पूर्वी हिस्सों से हो रही है, जिसके कारण काफी समय लग रहा है।

दो दिन पहले ट्रेन के जरिए ऑक्सीजन की आवाजाही शुरू हो गई और 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर आ गयी। दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों के साथ निकटता से काम कर रही है। रेल मंत्रालय, आईओसीएल और कॉनकॉर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। भारत सरकार ने दिल्ली को अतिरिक्त सात आईएसओ कंटेनर दिए हैं। दिल्ली सरकार ने प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट के स्थानों पर अधिकारियों की एक टीम को भी तैनात किया है। यह टीम यह सुनिश्चित करती है कि दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति में कोई गड़बड़ी और प्रशासनिक बाधा न आए।

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