नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। निर्धारित आंकड़ा पूरा होने पर दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी बंद कर दी है। सरकार की इसे आगे विस्तार देने की योजना नहीं है। इसकी जानकारी परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दी। अब अगली तैयारी दोपहिया वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को मदद देने की है। बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू करने के समय दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि शुरू में खरीदी जाने वाली 1000 कारों पर दिल्ली सरकार डेढ़ लाख की सब्सिडी देगी।

दिल्ली में 1000 कारों के पंजीकरण का आंकड़ा पूरा हो चुका है। सरकार अब तक 700 कार ख़रीदने वालों के खाते में सब्सिडी की राशि डाल चुकी है। यह राशि 10.47 करोड़ है।दिल्ली सरकार ने कहा है कि ऐसा देखा गया है कि दिल्ली में लोग बिजली से चलने वाली गाड़ियों को तेजी से अपनाते जा रहे हैं और हाल के महीनों में सीएनजी और हाइब्रिड ईंधन के वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में इजाफा हुआ है।

कैलाश गहलोत ने कहा है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट को जितना सहयोग मिलना चाहिए था, उतना दिया गया और अब ध्यान इलेक्ट्रिक गाडि़यों में दो पहिया, माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर दिया जाना है। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में सबसे ज्यादा संख्या इलेक्ट्रिक रिक्शा और दो पहिया वाहनों की है।

केजरीवाल के आवास के बाहर धरना देंगे प्रो. राकेश सिन्हा

वहीं, दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित दिल्ली विवि के 12 कालेजों में शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने का मसला गरमाता जा रहा है। राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा ने इस बाबत मुख्यमंत्री केजरीवाल को पत्र लिखा है। प्रो. राकेश सिन्हा ने पत्र में लिखा है कि चार-पांच महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इनका परिवार दीवाली नहीं मना पाएगा। महाराजा अग्रसेन कालेज के 116 शिक्षकों व 45 कर्मचारियों, दीनदयाल उपाध्याय कालेज के 122 शिक्षक व 80 कर्मचारियों को तीन से चार महीनें से वेतन नहीं मिला है।

केशव महाविद्यालय के शिक्षक और 89 कर्मचारी को भी तीन महीने से वेतन नहीं मिला। प्रो. राकेश सिन्हा ने लिखा है कि यदि दिल्ली सरकार ने पांच नवंबर तक अनुदान जारी नहीं किया तो शनिवार को वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक दिन का सांकेतिक धरना देंगे।

Edited By: Mangal Yadav