नई दिल्ली (जेएनएन)। राजनिवास और दिल्ली सरकार के बीच हालात नहीं सुधर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के चार जुलाई के आदेश के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। दिल्ली सरकार के अधिकारी इस पक्ष में हैं कि नीतिगत मामलों की फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी जाए। वहीं दिल्ली सरकार साफ कर चुकी है कि चार जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक भी फाइल उपराज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए नहीं भेजी जाएगी।

ऐसे में सरकार के तमाम काम रुक रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार के काम को एलजी के माध्यम से रोका जा रहा है। दिल्ली सरकार काम को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

सीएम ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा, उनकी केंद्र सरकार और उनके एलजी ने मोहल्ला क्लीनिक को रोकने की कड़ी कोशिश की। पर हमने भी हिम्मत नहीं छोड़ी। जनता हमें प्रोत्साहन देती रही। अगर भाजपा ने वे सारी अड़चनें न लगाई होती तो दिल्ली के लोगों को इसका फायदा कई महीने पहले मिल गया होता। जनता और भगवान का शुक्रिया कि अंतत: ये हो पाया।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और एलजी ने ढाई साल तक दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक नहीं बनने दिए। नहीं तो ढाई साल पहले दिल्ली में 1000 मोहल्ला क्लीनिक बन गए होते। वहीं दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि केजरीवाल जिन भी कार्यो में असफल होते हैं अपनी असफलता का ठीकरा भाजपा या उपराज्यपाल निवास पर डाल देते हैं। उन्हें काम करने से कौन रोक रहा है। केजरीवाल ने पिछले साढ़े तीन साल में सिर्फ आरोपों के अलावा क्या किया है। वह हर मामले में फेल हुए हैं और आरोप लगाते हैं।

मजदूरों को उनका हक देने के पक्ष में सरकार
दिल्ली सरकार मजदूरों को उनका पूरा हक देने के पक्ष में है। सरकार उन्हें फिर से बढ़ा वेतन देने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि सरकार कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार कर नियम के तहत फिर से वेतन वृद्धि की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कई शक्तिया मजदूरों व कर्मचारियों के हितों के खिलाफ काम कर रहीं हैं। हम गरीबों को बढ़ा वेतन देने के लिए वचनबद्ध हैं।