नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। कांग्रेस का कहना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण वाहनों का धुआं और टूटी सड़कों व निर्माण स्थलों से उठने वाली धूल हैं। इसके विपरीत आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को ही दिल्ली में प्रदूषण का कारण बताती है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि कनाट प्लेस और आनंद विहार में स्माग टावर लगाने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। आइआइटी दिल्ली, मुंबई और कानपुर के साथ ही अमेरिका के एक विश्वविद्यालय का सहयोग लेने के बावजूद दिल्ली सरकार को अबतक राजधानी में प्रदूषण होने के कारण का पता नहीं चल सका है। प्रदूषण की समस्या कैसे दूर की जाए इसे लेकर सरकार अभी तक अंधेरे में है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लाकडाउन के दौरान सड़कों पर वाहनों की कमी से दिल्ली की हवा स्वच्छ हो गई थी। अब एक बार फिर से हवा खराब होने लगी है। इससे स्पष्ट है कि वाहनों की भीड़ और धूल उड़ने से प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।

दिल्ली की सड़कों पर निजी वाहनों की भीड़ कम करके यह समस्या कम की जा सकती है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना होगा। दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में बसों की कमी दूर की जानी चाहिए।

Edited By: Pradeep Chauhan