नई दिल्‍ली, जागरण संवाददाता। 2012 Delhi Nirbhaya case: निर्भया के चार दोषियों में एक मुकेश सिंह की याचिका को एलजी ने खारिज करने की सिफारिश की है। इससे एक दिन पहले ही दिल्‍ली सरकार ने इसे खारिज करने की सिफरिश की थी। वहीं अब एलजी के इस कदम से उसे एक और झटका लगा है। हालांकि एलजी ने इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया है। गृह मंत्रालय ने इस मामले में बयान जारी कर कहा है कि उसे दिल्‍ली सरकार के द्वारा भेजी गई मुकेश सिंह की दया याचिका मिली है। इस पर अभी विचार किया जा रहा है।

ताजा जानकारी के अनुसार तिहाड़ जेल प्रशास ने बताया कि निर्भया के चारों दोषियों को जेल नंबर तीन में शिफ्ट किया जा रहा है।

क्‍या है दया याचिका भेजने की प्रक्रिया

कोई कैदी अपनी सजा से बचने के लिए राष्‍ट्रपति का दरवाजा खटखटा सकता है। हालांकि यह एक पूरी सरकारी प्रक्रिया के तहत की जाती है। इसमें सबसे पहले वह अपने जेल प्रशासन को अपनी दया याचिका सौंपता है। जेल प्रशासन उसे अपनी तरफ से राज्‍य सरकार को भेजती है यहां से उसे फिर राष्‍ट्रपति के पास भेजा जाता है।

इसी प्रकिया के तहत दोषी मुकेश ने अपनी याचिका तिहाड़ प्रशासन को सौंपी, जिसे दिल्‍ली सरकार को भेज गया। दिल्‍ली पूर्ण राज्‍य नहीं है इस कारण यहां एलजी को अंतिम निर्णय लेना पड़ता है। इसलिए एलजी ने सरकार की याचिका खारिज करने की सिफारिश को गृहमंत्रालय को आगे बढ़ा दिया है।

यहां यह बताना जरूरी है कि अगर राष्‍ट्रपति इसकी दया याचिका नामंजूर कर देता है तो इसकी सूचना प्रशासन उसे देगा और 14 दिनों के बाद उसे फांसी दी जाएगी।

Posted By: Prateek Kumar

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