नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। भाई के खिलाफ संपत्ति विवाद का झूठा मामला दायर करने के लिए अदालत ने दो लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने पूछा है अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए क्यों न उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामले से सख्ती से निपटने की जरूरत है। वादी ने यह दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था कि साल 1989 में उसके पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक संपत्ति का कानूनी वारिसों के बीच मौखिक रूप से विभाजन किया गया था।

मोती नगर इलाके की संपत्ति उनकी मां के नाम पर ट्रांसफर हुई थी और यह सहमति हुई थी कि मां की मृत्यु के बाद यह उनके नाम पर विशेष रूप से ट्रांसफर होगी। आरोप हैं कि साल 2017 में उनके भाई ने मां की मृत्यु के बाद संपत्ति खाली करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधिकारी से मिलकर झूठे दस्तावेज से संपत्ति अपने नाम करने की कोशिश कर रहा था। इस मुकदमे को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि वादी ने अदालत के समक्ष बिल्कुल झूठा मामला दायर किया था।

वहीं अन्य मामले में निहाल विहार थाना क्षेत्र में मंगलवार को चोरी का संदेह होने पर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मृतक का नाम गगनदीप सिंह है। वे इको वैन चलाते थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गगनदीप अपने बड़े भाई जसपाल के परिवार के साथ चंद्र विहार इलाके में रहते थे। जसपाल की पत्नी को किसी से पता चला कि गगनदीप को कुछ लोग पीटने के बाद सड़क पर फेंककर चले गए हैं।

उन्होंने बेसुध पड़े गगनदीप को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर जितेंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर इस मामले के आरोपितों की तलाश शुरू की गई। इस दौरान पता चला कि इलाके में स्थित एक खेत में बनी झोपड़ी से मोबाइल फोन चोरी हो गया था।

यहां रहने वाले मुन्ना, जलधर, शुक्कर, किशन, रमेश और कमल को गगनदीप पर चोरी का शक था। इन्होंने मिलकर गगनदीप के हाथ-पैर बांध दिए और जमकर पिटाई की और मरणासन्न हालत में बीच सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपितों को दबोच लिया।

 

Edited By: Pradeep Chauhan