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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi New Excise Policy: क्या है दिल्ली की आबकारी नीति 2021-22, अब नई नीति पर क्या हैं आपत्तियां, जानें सबकुछ

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Fri, 22 Jul 2022 05:09 PM (IST)

Delhi Excise Policy- सीबीआइ जांच की सिफारिश दिल्ली सरकार को 48 घंटों के भीतर एलजी की ओर से दूसरा झटका ...और पढ़ें

रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब चुनाव में इस्तेमाल किया गया इससे गलत तरीके से कमाया गया पैसा।
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब चुनाव में इस्तेमाल किया गया इससे गलत तरीके से कमाया गया पैसा।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Delhi New Excise Policy: उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियागत खामियों को लेकर इसकी सीबीआइ जांच कराए जाने की सिफारिश की है। उन्होंने यह सिफारिश मुख्य सचिव की ओर से राजनिवास को विगत आठ जुलाई को सौंपी गई उस रिपोर्ट के आधार पर की है, जिसमें इन सभी खामियों के बारे में बताया गया है।

रिपोर्ट की एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। सीबीआइ जांच की सिफारिश दिल्ली सरकार को 48 घंटों के भीतर एलजी की ओर से दूसरा झटका है। इससे पहले, बृहस्पतिवार को ही एलजी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिंगापुर दौरे वाली फाइल वापस कर दी थी।

राजनिवास की ओर से जारी बयान मे कहा गया है कि इस रिपोर्ट से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम 1991, व्यापारिक लेनदेन की नियमावली-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 और दिल्ली आबकारी नियम 2010 के उल्लंघनों का प्रथमदृष्टया पता चलता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब उत्पादन, होलसेलर और बिक्री से जुड़ा काम एक ही व्यक्ति की कंपनियों को दिया गया, जो आबकारी नियमों का सीधे तौर पर उल्लंघन है। इसके साथ ही नीति में कई सारी वित्तीय खामियां भी गिनाई गई हैं।

अधिकार नहीं होने के बावजूद आबकारी नीति में बदलाव किए जाने को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। सिसोदिया के पास ही आबकारी विभाग भी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना के नाम पर शराब ठेकेदारों को पक्षपातपूर्ण तरीके से फायदा पहुंचाते हुए उनकी 144.36 करोड़ की लाइसेंस फीस माफ कर दी, जिससे दिल्ली के राजस्व को भारी नुकसान हुआ।

दिल्ली की आबकारी नीति 2021-22 क्या है?

नई आबकारी नीति के जरिये दिल्ली सरकार शराब खरीदने का अनुभव बदलना चाहती थी। नई नीति में होटलों के बार, क्लब और रेस्तरां को रात तीन बजे तक खुला रखने की छूट दी गई है। वे छत समेत किसी भी जगह शराब परोस सकेंगे। इससे पहले तक, खुले में शराब परोसने पर रोक थी। बार में किसी भी तरह के मनोरंजन का इंतजाम किया जा सकता है। इसके अलावा, बार काउंटर पर खुल चुकीं बोतलों की शेल्फ लाइफ पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

नई आबकारी नीति पर क्या आपत्तियां रही हैं?

-नई नीति जो दिल्ली को 32 जोन में बांटती है, उसके मुताबिक बाजार में केवल 16 कारोबारियों को इजाजत दी जा सकती है और यह एकाधिकार को बढ़ावा देगी।

-विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि नई आबकारी नीति के जरिये केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार किया।

-दिल्ली में शराब के कई छोटे वेंडर्स दुकानें बंद कर चुके हैं। उनका कहना है कि कुछ बड़े कारोबारी अपने यहां भारी छूट व आफर देते रहे हैं, इससे उनके लिए कारोबार कर पाना नामुमकिन हो गया है।

-अदालतों में वकीलों ने कहा कि उन्हें थोक कीमत के बारे में पता है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उन्हें किस दाम पर शराब की बिक्री करनी होगी।