यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एलोपैथी को लेकर बाबा रामदेव के आपत्तिजनक बयान पर डाक्टर्स एसोसिएशन ने दायर की है याचिका
वर्तमान चरण में केवल यह देखने की जरूरत है कि क्या वाद में लगाए गए आरोप किसी मामले पर विचार ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी के दौरान एलोपैथी के खिलाफ गलत सूचना फैलाने को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ डाक्टर्स एसोसिएशन की याचिका विचार करने योग्य है और इसे पहले चरण में खारिज नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने कहा कि वर्तमान चरण में केवल यह देखने की जरूरत है कि क्या वाद में लगाए गए आरोप किसी मामले पर विचार करने योग्य हैं। आरोप सही हो सकते हैं या गलत हो सकते हैं। वह कह सकते हैं कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा, लेकिन इस पर गौर करने की जरूरत है।
पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान मुकदमे को मुकदमा चलाने की अनुमति दिए बिना खारिज नहीं किया जा सकता है। पीठ ने उक्त टिप्पणी करते हुए सुनवाई 27 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी, ताकि रामदेव के अधिवक्ता अपनी दलील पेश कर सकें।
ऋषिकेश, पटना और भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के तीन रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के साथ-साथ रेजिडेंट डाक्टरों के एसोसिएशन, चंडीगढ़ पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब के रेजिडेंट डाक्टरों का संघ, लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कालेज, मेरठ और तेलंगाना जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन ने बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका दायर की है।
एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने कहा कि महामारी के दौरान रामदेव ने कोरोना के इलाज के कोरोनिल को लेकर निराधार दावे किए। अदालत ने तीन जुलाई को रामदेव को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया था।
