नई दिल्‍ली (रणविजय सिंह)। दिल्‍ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में निजी अस्‍पतालों में इलाज का खर्च दो तिहाई कम करने की केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित उच्‍चस्‍तरीय विशेषज्ञों की समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई। उपराज्‍यपाल अनिल बैजल की अध्‍यक्षता में रविवार को हुई डीडीएमए की बैठक में यह फैसला लिया गया। दिल्‍ली सरकार का कहना है कि यह फैसला निजी अस्‍पतालों में कोरोना के इलाज के लिए आरक्षित 100 फीसद बेड पर लागू होगा। इसलिए निजी अस्‍पतालों को कोरोना के मरीजों का अब एक तिहाई खर्च में इलाज करना होगा।

यहां जानिए रेट

इस फैसले के अनुसार निजी अस्‍पताल आइसोलेशन बेड के लिए प्रतिदिन 8000 से 10,000 रुपये के हिसाब से मरीजों से शुल्‍क ले सकेंगे। वे पहले 25,000 रुपये तक वसूल रहे थे। इसी तरह बगैर वेंटिलेटर के आइसीयू के एक दिन का खर्च 13,000 से 15,000 रुपये और आइसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर मरीज को भर्ती करने पर एक दिन का खर्च 15,000 से 18,000 रुपये निर्धारित किया है। नीति आयोग के सदस्‍य डॉ वीके पॉल की अध्‍यक्षता में गठित समिति ने इलाज का यह खर्च तय करके इसे दिल्‍ली में लागू करने की सिफारिश की थी। उपराज्‍यपाल अनिल बैजल ने कहा कि कमेटी द्वारा तय शुल्‍क अस्‍पताल के कुल बेड क्षमता के 60 फीसद तक कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत सभी बेड पर लागू होगी।

डीडीएम की बैठक

डीडीएम की बैठक में मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति ने निजी अस्‍पतालों में कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत 60 फीसद बेड पर तय शुल्‍क लागू करने की सिफारिश की थी। दिल्‍ली में निजी अस्‍पतालों में 40 फीसद बेड कोरोना के इलाज के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस लिहाज से सिर्फ 24 फीसद बेड पर ही इलाज का खर्च नियंत्रित हो पाता। उन्‍होंने निजी अस्‍पतालों में कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत सभी बेड पर समिति द्वारा तय खर्च लागू करने की बात उठाई। उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि 100 फीसद बेड पर अब कम खर्च पर इलाज उपलब्‍ध होगा।

निजी अस्‍पतालों में इलाज के लिए निर्धारित प्रतिदिन का खर्च

श्रेणी नई दरें पुरानी दरें

आइसोलेशन बेड 8000-10,000 24,000- 25,000

आइसीयू बिना वेंटिलेटर 13,000-15,000 34,000-43,000

आइसीयू वेंटिलेटर के साथ 15,000-18,000 44,000-54,000

नोट- निर्धारित नई दरों में दवा व पीपीई किट का खर्च भी शामिल है। पहले निजी अस्‍पताल पुरानी दरों पर शुल्‍क वसूलने के अलावा पीपीई किट का खर्च अलग से ले रहे थे।

Edited By: Prateek Kumar