नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली वालों से होने वाली आनलाइन ठगी के मामलों में आरोपित बाहरी राज्यों के हैं। इनमें खासतौर पर हरियाणा, राजस्थान, यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बैठे आरोपित वारदात को अंजाम दे रहे हैं। हर राज्य के आरोपित अलग-अलग तरीके अपना कर दिल्ली वासियों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इनमें हरियाणा, राजस्थान, यूपी का मेवात इलाका व बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का जामताड़ा इलाका।

गत चार महीनों के दौरान इन इलाकों में चिकित्सा उपकरणों व दवाओं को मुहैया कराने के नाम पर भारी संख्या में दिल्ली वासियों को ठगा गया। साल दर साल बढ़ता गया ग्राफदिल्ली पुलिस से मिले आंकड़े के अनुसार आनलाइन ठगी के मामले साल दर साल कई गुना बढ़े हैं। राजधानी में वर्ष 2017 में आनलाइन ठगी के 7200 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं 2020 में यह आंकड़ा 37280 पहुंच गया है।

वर्ष---------मामले

2017--------7200

2018--------13200

2019--------23300

2020--------37280

इन-इन इलाकों में होती है इस तरह की ठगी

मेवात

केवाइसी के नाम पर ठगी, अश्लील वीडियो बनाकर ठगी, आनलाइन शा¨पग के नाम पर ठगी।जामताड़ा: यूपीआइ, केवाइसी, मोबाइल सिम के ठीक करने के बहाने ठगी।

दिल्ली-एनसीआर

फर्जी काल सेंटर के जरिए देश-विदेश के लोगों से ठगी। इसमें आरोपित खुद को अधिकारी बता कर पीडि़तों से बात करते हैं।

ठगों पर कार्रवाई भी हुई

पिछले कुछ माह में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ठगों पर जमकर कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने ठगों के करीब 25 हजार फोन नंबरों को संदिग्ध के रूप में पहचान कर ब्लाक किया है। गत एक साल में संदिग्ध नंबरों की जांच कर उनसे जुड़े बैंक खातों को सीज किया है। इन बैंक खातों में पीडि़तों के आए पैसों को ठगों से पास पहुंचने से पहले रोका था। पिछले एक साल में पुलिस ने लगभग 20 करोड़ रुपये ठगों के पास जाने से पहले रोक दिए हैं।

तुरंत करें शिकायत

दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के डीसीपी अन्येश राय ने बताया कि ठगी होने पर साइबर सेल की हेल्पलाइन नंबर 155260 पर तुरंत शिकायत करें।

इन बातों का रखें ध्यान

- बैंक की ओर से कभी भी आनलाइन केवाइसी नहीं की जाती।

- किसी भी अंजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान एप को मोबाइल में डाउनलोड करें।

- अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी किसी को भी न दें।

- ठगी का शिकार होने पर नजदीकी थाने में शिकायत करें। साथ ही अपना बैंक खाता या एटीएम कार्ड तुरंत बंद करवाएं।

- इंटरनेट पर मौजूद सभी बातों पर विश्वास न करें।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari