नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मेरठ में चोरी की गाड़ियां काटने वाले मार्केट को योगी सरकार ने बंद कर दिया तो गाड़ियां चोरी करने वाले गिरोह ने महाराष्ट्र के पुणे को अपना ठिकाना बना लिया। इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मध्य जिला पुलिस ने दो अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू (24) और अल्ताफ कासम अत्तर (38) को गिरफ्तार किया है। अज्जू वाहन चोर इंतजार और भूरा से गाड़ियां खरीदता था। फिर इन गाड़ियों को पुणे के अल्ताफ को बेच देता था।

पुलिस ने आरोपितों के पास से 15 चोरी की महंगी गाड़ियां बरामद की हैं। आरोपित वर्ष 2019 से अब तक 500 से अधिक चोरी गाड़ियां बेच चुके हैं। डीसीपी श्वेता चौहान के मुताबिक, वाहन चोरी निरोधक दास्ता (एएटीएस) इंचार्ज संदीप गोदारा की टीम ने इन दोनों आरोपितों को पकड़ा है। सूचना मिली थी कि अजहरुद्दीन मेरठ के रहने वाले इंतजार और भूरा से चोरी की गाड़ी खरीदने के लिए आएगा। पुलिस से बचने के लिए क्षतिग्रस्त कार के रजिस्ट्रेशन नंबर को गाड़ी पर लगाया गया जाएगा। ताकि चोरी की कार आसानी से सड़क के रास्ते पुणे तक जा सके।

11 मई को आरोपित अजहरुद्दीन चोरी की कार गुजरात में डिलीवर करने के बाद जहाज से दिल्ली आया। इसके बारे में सूचना पर उसे आइजीआइ एयरपोर्ट के बाहर से पकड़ लिया। इसके पास से एक कार की नकली चाबी मिली। वह चाबी चोरी की बलेनो कार की थी, जिसे पुलिस ने जीबी पंत अस्पताल के पास से बरामद किया । आरोपित ने बताया कि वह चोरी की कारें इंतजार और भूरा से खरीदने के बाद उन्हें पुणे के अल्ताफ को बेचता है।

इंजन नंबर और चेसिस नंबर में करते थे बदलाव

पूछताछ के बाद पुलिस ने अल्ताफ को पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान वह इनोवा कार को काट रहा था। पूछताछ में अल्ताफ ने बताया कि अज्जू चोरी की कार कंटेनर के जरिए पुणे तक भेजता था। इससे पहले वह उस वाहन का इंजन और चेसिस नंबर बदल देता था। एक्सीडेंट में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई कार का नंबर चोरी के वाहन पर छेड़छाड़ कर लगाया जाता था। आरोपितों ने बताया कि पांच सौ से अधिक कारें अब तक बेच चुके हैं।

आरोपित अजरुदीन उर्फ अज्जू इंश्योंरेंस कंपनियों से कबाड़ में एक्सीडेंटल वाहनों को खरीदता था। उन वाहनों की डिटेल ही चोरी की गाड़ियों में डाल दी जाती थी। दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस ने वाहन चोरी के आठ मामले सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेरठ में चोरी की गाडियां काटने वाले बाजार को बंद करने के बाद आरोपितों ने पूणे में अपना ठिकाना बना लिया था। फिलहाल आरोपितों पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari