नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली की अदालत गणतंत्र दिवस पर लाल किला में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर फैसला सुनाएगी। इस मामले में 17 जून को दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी दीप सिद्धू के खिलाफ पूरक आरोपपत्र भी दाखिल कर चुकी है। कृषि कानून का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले में घुसकर उपद्रव मचाया था और पुलिसवालों पर हमले किए थे। इस मामले में दीप सिद्धू सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

दिल्ली के लाल किले पर 26 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया गया है कि लाल किले पर हुई हिंसा सब सोची समझी साजिश का हिस्सा था। चार्जशीट के मुताबिक, लाल किले में सोची समझी साजिश के तहत किसान मार्च दाखिल हुआ था। इसका मकसद था लाल किले पर कब्जा करके लाल किले को नया प्रोटेस्ट साइट बनाना, ताकि केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार के नए कृषि कानून का विरोध प्रदर्शन किया जा सके।

गौरतलब है कि किसान प्रोटेस्ट रैली के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली के कई इलाकों में खासकर लाल किले में जमकर हिंसा हुई थी। लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा का अपमान भी किया गया था और उसकी जगह निशान साहब और किसान झंडा फहराया गया था। इस मामले में कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 26 जनवरी के दिनों तथाकथित किसानों द्वारा की गई हिंसा में कई पुलिसवालों कोे गंभीर चोटें भी आई थीं। वहीं, किसानों की ओर से कहा गया था कि हिंसा में शामिल लोग उनके नहीं हैं। वहीं, दिल्ली में हुई 26 जनवरी की हिंसा को लेकर कुछ और लोगों को आरोपी बना सकती है।