नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के कोर्ट के लिए ग्रुप ‘सी’ श्रेणी की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित सुमित हरियाणा के कैथल का रहने वाला है। मामले में अब तक 18 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। दो आरोपित अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। परीक्षा में आरोपितों ने मूल उम्मीदवारों की जगह पर बैठे थे और ब्लूटूथ डिवाइस और कान में लगने वाले हियरिंग एड की मदद से फर्जीवाड़ा किया था।

इस मामले में परीक्षा वाले दिन क्राइम ब्रांच ने परीक्षा केंद्र में छापेमारी कर 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जबकि कई अन्य फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त शिबेश सिंह के मुताबिक, पिछले वर्ष 28 फरवरी को रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल में परीक्षा आयोजित हुई थी। सूचना मिली थी कि परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ऐसे में छापेमारी का जांच की गई तो 11 उम्मीदवारों के पास से ब्लूटूथ डिवाइस और हियरिंग एड मिले। एफआइआर दर्ज जांच शुरू की गई।

जांच में पता चला कि दो से पांच लाख रुपये लेकर कई उम्मीदवारों ने फर्जीवाड़ा किया है। आरोपित सुमित मूल उम्मीदवार सोनू की जगह पर परीक्षा दे रहा था। उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सुमित ने बताया कि वह पढ़ाई में अच्छा है।

अपने पंकज ढुल के साथ मिलकर मूल उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा में बैठने के लिए पैसे लेना शुरू किया। उसके बाद वह परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने के बड़े गिरोह में शामिल हो गया। गिरोह के मुख्य सदस्य हरियाणा के सुमित, मंजीत, गुरमेल और संदीप कोहली हैं। मंजीत और संदीप कोहली फरार हैं।

Edited By: Pradeep Chauhan