नई दिल्ली [जेएनएन]। साल 2013 के हैदराबाद बम धमाके मामले में दोषी करार दिए गए इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकवादी यासीन भटकल की याचिका पर दिल्ली की एक कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। भटकल ने दिल्ली की एक अदालत से तिहाड़ जेल के अधीक्षक को यह निर्देश देने की गुहार लगाई थी कि उसे एकांत कैद में न रखा जाए। 

इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी यासीन भटकल की याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने अदालत में बताया कि जेल में एकांत कोठरी नहीं है। यासीन भटकल ने याचिका लगाकर कहा था कि जेल प्रशासन उसे एकांत सेल में रख रहा है।

भटकल के वकील एमएम खान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कैदियों को एकांत सेल में नहीं रखा जा सकता है। पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष याचिका पर जवाब देते हुए तिहाड़ प्रशासन की तरफ से कहा गया कि भटकल पर जेल में विशेष नजर रखी जाती है। वह कुख्यात और संवेदनशील कैदी है। उस पर कई मुकदमे लंबित हैं। अदालत ने याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। हैदराबाद ब्लास्ट 2013 के मामले में अदालत उसे पहले ही फांसी की सजा सुना चुकी है। अन्य कई धमाकों के मामले में भी उस पर ट्रायल चल रहा है।

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भटकल के वकील एमएस खान ने अर्जी में यह दावा भी किया कि उसे अलग कैद में रखना अदालत की अवमानना है। दिलसुख नगर दोहरे बम धमाकों सहित कई आतंकवादी मामलों में भटकल अभी न्यायिक हिरासत में है। दिल सुखनगर बम धमाकों के मामले में उसे एनआईए की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।

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Posted By: Amit Mishra