नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। अनिल चौधरी ने जब से प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली, तभी से कोरोना संक्रमण का दौर भी शुरू हो गया। इस बीच इधर पार्टी में बगावत के सुर ज्यादा ही तेज हो गए हैं। ज्यादातर नेता संगठन में बदलाव का राग अलाप रहे हैं। उनका कहना है कि अगर किसी मजबूत नेता को पार्टी की बागडोर नहीं सौंपी गई तो आगामी निगम चुनाव में बचा खुचा जनाधार भी जाता रहेगा। ऐसे में अनिल चौधरी ने अब चाय पॉलिटिक्स शुरू की है। उन्होंने चाय पीने के बहाने वरिष्ठों की नाराजगी दूर करने और मार्गदर्शन के बहाने उनका आशीर्वाद लेने को कदम बढ़ाए हैं। इस दिशा में उनका पहला पड़ाव पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल का निवास रहा। हाल ही में उन्होंने पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज और प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल के साथ इनके घर चाय पी। अब आशीर्वाद मिला या नहीं, यह तो भगवान ही जानें।

दिल्ली के नेताओं को भी राहुल के बुलावे का इंतजार

कई राज्यों में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे का बंटाधार इसीलिए हुआ क्योंकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व यानी राहुल गांधी ने वहां के कद्दावर नेताओं को मिलने का समय नहीं दिया। इससे नाराज होकर कुछ वरिष्ठ तो पार्टी ही छोड़ गए। दिल्ली के नेता भी इन दिनों कमोबेश वैसी ही स्थिति महसूस कर रहे हैं। ये नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी एक बैठक कर दिल्ली के हालात पर चर्चा करें और सुधार की दिशा में कुछ निर्णय लें। लेकिन, वह तो शायद दिल्ली की ओर से आंखें मूंदकर ही बैठे हुए हैं। आलम यह है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चौधरी (Delhi Congress President Anil Chaudhary) ने भी अपने पांचों उपाध्यक्षों और कोरोना काल में अच्छा काम करने वाले कुछ नेताओं के साथ उनसे मिलने का समय मांगा हुआ है, किन्तु लंबे समय से उनके बुलावे का ही इंतजार हो रहा है। राहुल गांधी की इस बेरुखी के कारण भी दिल्ली कांग्रेस में चलाचली की बेला थम नहीं पा रही।

Edited By: Jp Yadav