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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए शुरू किया पठन अभियान

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Wed, 11 Aug 2021 02:17 PM (IST)

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीआर) ने मंगलवार को बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआइ) में रह रहे बच्चों के लिए पठन ...और पढ़ें

अभियान के तहत बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अभियान के तहत बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीआर) ने मंगलवार को बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआइ) में रह रहे बच्चों के लिए पठन अभियान की शुरूआत की। अभियान के तहत बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने बताया कि जुलाई 2021 में आयोग ने सीसीआइ में रह रहे सभी बच्चों का आधारभूत मूल्यांकन किया था। जिसमें ये बात पता चली कि सीसीआइ में रह रहे केवल 52 प्रतिशत बच्चे ही हिंदी में शब्दों को पढ़ने में सक्षम हैं और 55 प्रतिशत बच्चे ही संख्या की पहचान कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सीसीआइ के बच्चों की खराब साक्षरता स्तर देखने के बाद उन्होंने दिल्ली के स्कूलों में संचालित किेए जा रहे मिशन बुनियाद कार्यक्रम की तरह ही सीसीआइ के बच्चों के लिए पठन अभियान की शुरूआत की।

अनुराग ने बताया मंगलवार को राजधानी के सभी सीसीआइ में 400 से अधिक छात्रों ने इस अभियान में भाग लिया। अनुराग के मुताबिक ये अभियान 14 नवंबर तक जारी रहेगा। छात्रों के लिए रोजाना दो से तीन घंटे की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। अनुराग ने कहा कि आयोग का लक्ष्य है कि नवंबर 2021 तक 100 प्रतिशत बच्चे धाराप्रवाह हिंदी को समझ के साथ पढ़ सकें और जोड़, घटाना, गुणा और भाग कर सकें।