नई दिल्ली, संजीव गुप्ता। Arvind Kejriwal Security: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा घटा दी गई है। केजरीवाल की सुरक्षा में 6 कमांडो तैनात रहते हैं। लेकिन अब उनमें से 4 को हटा लिया गया है। केजरीवाल की सुरक्षा में अब सिर्फ 2 कमांडो रह गए हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की सुरक्षा से हटाए गए कमांडों में गगनदीप यादव, जितेंद्र, जीतू मणि और अंकुर सिंह का नाम शामिल है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली सफलता के बाद यह कदम उठाया गया है।

केंद्र सरकार की राजनीति : सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर केंद्र सरकार की राजनीति बताया है। साथ ही केंद्र सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न किया जाए, पहले भी कई बार उन पर हमले हो चुके हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय का सुरक्षा मेंं कमी से इन्कार

दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केजरीवाल की सुरक्षा में कमी किए जाने से इन्कार किया है। मंत्रालय का कहना है कि केजरीवाल की सुरक्षा में कोई कमी नहीं की गई है। जितने सुरक्षाकर्मी पहले उनकी सुरक्षा में लगे थे, अब भी उतने ही तैनात है। दिल्ली पुलिस वीआइपी सुरक्षा बलों में तैनात अपने जवानों को समय-समय पर बदलती रहती है। मौजूदा समय में भी पुलिस ने केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात कुछ जवानों को बदलकर उनकी जगह दूसरे जवानों को तैनात किया है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।

कैसी है सीएम केजरीवाल की सुरक्षा

वहीं, दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त आई.डी. शुक्ला ने भी बताया कि केजरीवाल की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं की गई है। उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इस व्यवस्था में कोई कमी नहीं की गई है। इसके विपरीत सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी सुरक्षा में तकरीबन आठ से दस अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों का इजाफा ही किया गया है। वहीं दिल्ली के जिस भी इलाके में सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्हें सुरक्षा की जरूरत महसूस की जाती है तो अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है।

बता दें कि मुख्यमंत्री केजरीवाल की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और कमांडो की तैनाती केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से होती है। सुरक्षा दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन आती है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में कितने पुलिसकर्मी और कितने कमांडो रहेंगे, यह केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से तय होता है।

ज्ञात हो कि गुजरात निकाय चुनाव में पहली बार शामिल हुई आम आदमी पार्टी को अच्छे परिणाम मिले हैं। खासतौर पर सूरत में आम आदमी पार्टी प्रमुख विपक्षी दल के रूप में सामने आई है। वहां भाजपा को 93 और आप को 27 सीटें मिली हैं। जबकि कांग्रेस शून्य पर पहुंच गई है। शुक्रवार को केजरीवाल सूरत में रोड शो भी करने वाले हैं।

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