नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने नगर निगम के अस्पतालों में डॉक्टरों को वेतन न दिए जाने को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को संविधान और कानून के हिसाब से निगमों को जितना फंड देना होता है, उससे दस रुपये ज्यादा का भुगतान किया गया है। उल्टा दिल्ली सरकार ने तीनों नगर निगम को 3800 करोड़ रुपये का लोन दे रखा है, जो उनको वापस करना है। इसके अलावा 3,000 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड का बिल अदा नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गाजीपुर मुर्गा मंडी में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट के उद्घाटन के दौरान ये बातें कही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने निगमों को 12 हजार करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। केंद्र सरकार को यह धनराशि देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार है। जिसकी वजह से धन के लाले पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों ने कोरोना महामारी में अपनी जान जोखिम में ड़ालकर लोगों की सेवा की और उनको वेतन नहीं दिया गया है।

कई दिनों से प्रदर्शन जारी, दूसरे अस्पतालों का भी मिल रहा समर्थन

गौरतलब है कि काफी दिनों से वेतन के मुद्दे को लेकर हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें दूसरे अस्पतालों का भी समर्थन मिल रहा है। सोमवार को लोकनायक समेत दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। उल्लेखनीय है कि हिंदूराव के रेजिडेंट डॉक्टर पांच अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन और बीते शुक्रवार से भूख हड़ताल पर हैं।

इस मुद्दें पर एक ओर दिल्ली के तीनों निगम दिल्ली सरकार पर 13 हजार करोड़ रुपये बकाये की बात कह रहे हैं जबकि आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर निगम का 12 हजार करोड़ बकाया होने की बात कह कह रही है। वहीं, कांग्रेस आप और भाजपा पर राजनीति करने के साथ कर्मियों को परेशान करने का आरोप लगा रही है।

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