नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कालकाजी में किशोर पर चाकू से हुए हमले के मामले में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस से मामले में जांच बिठाने के लिए कहा है। आयोग ने पुलिस से मामले की जांच रिपोर्ट 10 मार्च से पहले मांगी है। आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा कि दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था बहुत बिगड़ी हुई है, खासकर छोटे बच्चों के लिए। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में बच्चे न शारीरिक रूप से सुरक्षित और न मानसिक रूप से।

अनुराग ने बताया कि जिस स्कूल में बच्ची पढ़ती है वहां के आसपास के इलाके में स्कूल की छुट्टी के समय आयोग ने पुलिस से नियमित गश्त करने को कहा है। इसके साथ उपजिलाधिकारी से स्कूल की छुट्टी के समय दो सिविल डिफेंस वालंटियर भी तैनात करने को कहा है। वहीं, आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि वह लड़की और उसके भाई की काउंसलिंग (परामर्श) करे।

दिल्ली महिला आयोग ने लिया संज्ञान

दिल्ली महिला आयोग ने कालकाजी घटना का स्वत: संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि बच्ची के भाई ने जब छेड़खानी का विरोध किया तो उसपर चाकू से वार कर दिया गया। आयोग ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर विषय है कि भाई के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर जब बच्ची ने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने कार्रवाई करने से मना कर दिया।

आयोग ने कालकाजी थानाध्यक्ष को तीन मार्च से पहले मामले में दर्ज की गई एफआइआर की कापी, लड़की द्वारा छेड़खानी को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत की कापी, जिस पुलिस अधिकारी ने मामले में शिकायत दर्ज करने से मना करा उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, मामले में पकड़े गए आरोपी की जानकारी और अब तक हुई सभी कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

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