नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। चांदनी चौक के मुख्य मार्ग यानी लालकिला के सामने गौरी शंकर मंदिर से लेकर फतेहपुरी मस्जिद तक ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि प्रतिबंधित समय में इस मार्ग पर वाहन के गुजरने पर आनलाइन चालान कट जाएगा। इस सड़क पर प्रतिबंधित समय में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के घुसने के कई मामले सामने आए हैं। इस मार्ग को पिछले साल सितंबर में ही पुनर्विकसित किया गया था।

गत दिनों उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने दौरे के दौरान इस पर नाराजगी व्यक्त की थी। लोक निर्माण विभाग व यातायात पुलिस मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। इसके लिए 23 आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं।उपमुख्यमंत्री ने 14 और कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया है, इन्हें भी जल्द ही लगा दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि पीडब्ल्यूडी सीसीटीवी कंट्रोल रूम को भी जल्द ही पुलिस को सौंप देगा। पीडब्ल्यूडी ने बूम बैरियर की मरम्मत का भी फैसला किया है, जो मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली विभिन्न सड़कों के प्रवेश बिंदुओं पर स्थापित हैं। सुबह 9 बजे से रात 9 बजे के बीच मोटर चालित वाहन प्रतिबंधित हैं।

18 माह से नहीं मिला वेतन

ऐतिहासिक व देश के पुराने पुस्तकालयों में शुमार लाला हरदयाल पुस्तकालय में 18 माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चांदनी चौक स्थित इस पुस्तकालय में तीन दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे लाइब्रेरी बंद हो गई है। कर्मचारी वेतन की मांग करते हुए पोस्टर बैनर लेकर इसके परिसर पर ही नारेबाजी करते दिखे। उन्होंने बताया कि घर का खर्च चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि साल भर से तनख्वाह नहीं मिलने से कई कर्मचारी कर्ज में चले गए हैं। घर का राशन तक उधार मांग कर ला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निगम एक होने के बावजूद आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं बस वेतन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि अगर कोई शिकायत कर रहा है, प्रशासन उनका तबादला कर रहा है। दिल्ली में इस पुस्तकालय के 39 ब्रांच है जिनमें 98 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। प्रदर्शन में शामिल योगेश शर्मा ने कहा कि अनुदान राशि जारी नहीं करने से यह दिक्कत हो रही है। तनख्वाह न मिलने से बच्चों की फीस देनी भी मुश्किल हो रही है। अनीता ने बताया कि महंगाई बढ़ती जा रही है और सालों से तनख्वाह नहीं मिल रही है। वह कहती हैं कि कोई इस उम्र में नौकरी भी नहीं देगा। ऐसे में मदद के लिए किसके पास जाए।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari