नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली कैंट इलाके में नौ वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले में सनसनीखेज बातें सामने आ रही है। घटना के मुख्य आरोपितों में से एक सलीम नाम का शख्स हिंदू नाम बताकर पिछले काफी समय से श्मशान भूमि में कार्य कर रहा था। आश्चर्य की बात यह है कि इसकी भनक तक किसी को नहीं लगने दी। मामले से पर्दा उस समय हटा जब एफआइआर में आरोपित का असली नाम पुलिस ने सलीम लिखा। देखते ही देखते यह बात पूरे इलाके में फैल गई और अब लोगों में इसको लेकर रोष व्याप्त है। अधिकांश लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अपना नाम छिपाने के पीछे इसका मकसद क्या था। इसके पीछे के कारणों तक पुलिस पहुंचे और दूध-का-दूध और पानी-का-पानी जनता के सामने रखे।

सलीम को लोग पुजारी का खास मानते थे लोग

स्थानीय निवासियों ने बताया कि सलीम को लोग पुजारी का खास सहयोगी मानते थे। वह कभी अपना नाम रामू तो कभी राजू बताता था। उन्होंने बताया कि संभव है कि पुजारी को भी सलीम ने अपना असली नाम नहीं बताया होगा। अब जब राज से पर्दा हटा है तो कई तरह के सवाल लोगों के जेहन में तैरने लगे हैं। लोग जानना चाह रहे हैं कि वह कहां का रहने वाला है। क्या इससे पहले भी उसके ऊपर आपराधिक मामला दर्ज था। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जांच के दौरान इन सब सवालों के जवाब ढूंढेगी और असलियत सामने आएगी।  

जल्द मिले कठोर सजा

सलीम श्मशान भूमि में अपनी पहचान छिपाकर कार्य कर रहा था। यह जानकारी इस मामले में काफी अहम है। हो सकता है कि घटना का मुख्य षडयंत्रकारी सलीम ही हो। इसपर पुलिस की पूरी निगाह होनी चाहिए और घटना के अपराधियों व षडयंत्रकारियों को कठोरत सजा शीघ्र मिलनी चाहिए। मामले में 15 दिनों में जांच पूरी कर तीन माह में फास्ट ट्रैक कोर्ट निर्णय दे तथा दोषियों को फांसी की सजा के साथ ही पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराए।

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

Edited By: Prateek Kumar