नई दिल्ली [जेएनएन]। भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसे लेकर नेताओं व कार्यकर्ताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। वहीं, 23 सितंबर को रामलीला मैदान में पूर्वांचल महाकुंभ का आयोजन करके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली में चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। इसके बाद एक माह के भीतर भाजपा दिल्ली में दो और रैली आयोजित करेगी। इसके जरिये वह कार्यकर्ताओं में जोश भरना चाहती है ताकि लोकसभा चुनाव में जीत की राह आसान हो सके।

पुरबिया मतदाताओं पर है नजर 
भाजपा दिल्ली में एक बार फिर से 2014 लोकसभा चुनाव की जीत दोहराना चाहती है। यहां की सभी सात सीटों पर एक बार फिर से भगवा परचम लहराए, इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। पार्टी अपने परंपरागत वोट बैंक को बनाए रखने के साथ ही नए लोगों को साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। उसकी नजर दिल्ली की चुनावी सियासत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुरबिया मतदाताओं पर है।

रामलीला मैदान से होगा आगाज 
कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के समर्थक माने जाने वाले पूर्वांचल के लोगों को पार्टी अपने साथ जोड़ रही है। उसे उम्मीद है कि प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने से बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ा है। इसे और मजबूत किए जाने की जरूरत है। इसलिए पार्टी ने रामलीला मैदान से दिल्ली में चुनाव प्रचार का आगाज करने जा रही है।

बड़े नेता होंगे शामिल 
इस रैली में भीड़ जुटाकर यह संदेश देने की कोशिश है कि पुरबिया लोग अब भाजपा के साथ हैं। भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष सिंह का कहना है कि महाकुंभ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह, डॉ. हर्षवर्धन, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज सिन्हा, गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे व शिव प्रताप शुक्ला, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी व दिल्ली के सभी सांसदों के साथ ही दिल्ली व पूर्वांचल से जुड़े अन्य नेता शामिल होंगे।

दिल्ली की सियासत में बिहार और यूपी की धमक, पुरबिया वोटरों के बीच पैठ बढ़ाएगी भाजपा

युवा मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा की भी होगी रैली 
भाजपा नेताओं का दावा है कि दिल्ली में पहली बार पूर्वांचल के लोगों को लेकर इतनी बड़ी रैली की जा रही है। रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता दिनरात मेहनत कर रहे हैं। रैली स्थल पर पहुंचने वालों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए 15 सौ बस प्रमुखों की नियुक्ति की गई है। बस प्रमुखों व अन्य नेताओं से संपर्क करने के लिए प्रदेश कार्यालय में कॉल सेंटर भी बनाया गया है। इस रैली के बाद दिल्ली में भाजपा युवा मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा की भी रैली होगी।