नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। भलस्वा डेरी इलाके में शुक्रवार तड़के तीन बजे पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसे मौके से दबोच लिया गया। पुलिस ने उसके पास से कट्टा, कारतूस व चोरी की बाइक बरामद की है। उसके खिलाफ भलस्वा डेरी थाने में पुलिस पर हमला करने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने व आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

बाहरी उत्तरी जिले के डीसीपी बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) में तैनात इंस्पेक्टर ब्रहमदेव व इंस्पेक्टर संदीप यादव को सूचना मिली कि लूट व झपटमारी में शामिल एक बदमाश भलस्वा झील रोड के पास किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।

डीसीपी ने बताया कि तड़के तीन बजे बाइक सवार एक युवक बुराड़ी सर्विस रोड की तरफ से आता दिखा। उसे पुलिस की टीम ने रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा। कुछ दूर आगे जाकर उसने पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी दो गोलियां चलाईं। इसमें एक गोली उसके बाएं पैर में लगी।

इसके बाद उसे मौके से दबोच लिया गया। जांच के क्रम में उसकी पहचान मजलिस पार्क के 38 वर्षीय करण उर्फ बबलू के रूप में हुई। उस पर लूट और झपटमारी आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं।

बहरहाल, उसका इलाज बाबू जगजीवन राम अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं, मुंडका थाना पुलिस ने लूटपाट के मामले में सिविल डिफेंस वालेंटियर को गिरफ्तार किया है। आरोपित दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने वालेंटियर के एक साथी को भी दबोचा है। आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद कर ली गई है। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में गौरव व सचिन शामिल हैं।

गौरव सिविल डिफेंस में कार्यरत है और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वहीं सचिन नर्सिग का कोर्स कर रहा है। 26 जनवरी को प्रेम नगर निवासी पीड़ित ने लूटपाट की शिकायत करते हुए पुलिस को बताया था कि वे मुंडका में बिजली की दुकान में काम करते हैं। वे अपने दोस्तों के साथ दुकान के सामने खड़े थे, तभी दो युवक कार से वहां पहुंचे।

उनमें से एक ने उनसे झाड़ौदा कलां जाने का रास्ता पूछा। इसी बीच एक लड़के ने उनका मोबाइल फोन लूट लिया और दोनों भाग गए। शिकायत पर पुलिस ने लूटपाट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस पीड़ित से मिले कार नंबर के जरिये उसके मालिक सुनील तक पहुंची। पूछताछ में उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन उनका बेटा हिरणकुदना गांव गया था। पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार कर लिया।

Edited By: Pradeep Chauhan