नई दिल्ली, पीटीआइ। Delhi Assembly Election 2020:  कांग्रेस ने दिल्ली में इस साल की शुरुआत में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में अपने प्रत्याशियों को खर्च के लिए 12 करोड़ से ज्यादा की धनराशि दी थी। पार्टी ने मार्च में चुनाव आयोग के समक्ष सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि उसने फरवरी में हुए चुनाव के लिए अपने 64 प्रत्याशियों को 12.25 करोड़ रुपये दिए थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सभी प्रत्याशी हार गए थे, जबकि कुछ की तो जमानत भी जब्त हो गई थी।

यहां पर बता दें कि 8 फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कुछ सीटें गठबंधन की सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल को भी दी थीं। कांग्रेस महासचिव मोतीलाल वोरा के हस्ताक्षर वाले इस दस्तावेज को भारतीय निर्वाचन आयोग ने हाल ही में सार्वजनिक किया है।

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग को बताया है कि प्रत्याशियों को चुनाव खर्च के लिए 10 से 25 लाख रुपये तक की राशि दो किस्तों में प्रदान की गई थी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ रहा एक प्रत्याशी 28 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। हालांकि, पार्टियों के खर्च की सीमा तय नहीं की गई है। पार्टी व प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा चुनाव आयोग को सौंपना पड़ता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को आठ सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, 15 साल तक शीला दीक्षित के नेतृत्व में राज करने वाली कांग्रेस इस बार भी शन्यू पर सिमट गई। इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में भी कांग्रेस को शन्यू सीटें मिलीं थी, जबकि 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 8 सीटें हासिल की और आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन दिया था। इससे अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाई थी, जो महज 49 दिन ही चली थी।

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