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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Air Pollution: गैस चैंबर बनी दिल्ली, बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावक चिंतित; सांस लेने में परेशानी

By AgencyEdited By: Geetarjun
Published: Thu, 03 Nov 2022 05:49 PM (IST)

Delhi Air Pollution राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक हो गई है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी ...और पढ़ें

गैस चैंबर बनी दिल्ली, बच्चों को स्कूल भेजने वाले माता-पिता चिंतित (सभी फोटो- ध्रुव कुमार)।
गैस चैंबर बनी दिल्ली, बच्चों को स्कूल भेजने वाले माता-पिता चिंतित (सभी फोटो- ध्रुव कुमार)।

नई दिल्ली, एजेंसी। Delhi Air Pollution राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक हो गई है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है। बढ़ते प्रदूषण के कारण अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। उन्हें डर है कि प्रदूषण की वजह से बच्चों को सांस संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही दिल्ली में वायु प्रदूषण 'गंभीर' श्रेणी को पार कर गया है, गुरुवार सुबह सात बजे एक्यूआई 408 पर था। एनसीआर के शहरों में भी गुणवत्ता भी गंभीर श्रेणी में आ गई है। दिल्ली में बृहस्पतिवार को पूरे दिन स्मॉग छाया रहा।

वायु प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार?

दिल्ली में सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 ('बहुत खराब' श्रेणी) और सुबह 7 बजे AQI 408 ('गंभीर') दर्ज किया गया था। धीमी गति में बहती हवा, प्रतिकूल मौसम की परिस्थिति और पराली जलाने की घटनाओं में अचानक वृद्धि प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। प्रथम दृष्टया देखें तो दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना और वाहनों से निकलने वाला धुआं सबसे ज्यादा हवा की गुणवत्ता को खराब कर रहा है।

सांस लेने में परेशानी

दिल्ली में कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। उन्होंने अपने नजदीकी अस्पतालों में सांस लेने से संबंधित परेशानी की शिकायत की है। प्रदूषण के कारण बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावक डरे हुए हैं। ऐसी परिस्थितियों में भी कुछ अभिभावकों का मानना ​​है कि सरकार को स्कूलों को खुला रखना चाहिए।

क्या कह रहे अभिभावक?

पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर के मेयर पब्लिक स्कूल में अपने बच्चे को छोड़ने आए आकाश ने कहा कि दिवाली के बाद ये स्थितियां सामान्य हैं। हम सभी सांस लेने के लिए संघर्ष करते हैं। आंखों में जलन और शरीर में कई समस्याओं का सामना करते हैं।

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उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद सरकार को स्कूल बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि बच्चों के लिए माहौल समान है, चाहे वे स्कूल में हों या घर पर। सरकार को प्रदूषण कम करने और इस समस्या को हल करने पर काम करना चाहिए।

हालांकि, एक अन्य अभिभावक ने स्कूलों को बंद करने की मांग की। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर के एक अभिभावक ने कहा कि अगर दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है तो स्कूलों को बंद कर देना चाहिए।

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नोएडा-गुरुग्राम में भी स्थिति खराब

SAFAR (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नोएडा में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' की श्रेणी है। जिसका एक्यूआई 393 है। वहीं, गुरुग्राम का AQI 318 है।