नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Delhi Air Pollution: लॉकडाउन में छूट से घरों की चहारदीवारी में कैद जनजीवन को भले ही रफ्तार मिल गई हो, लेकिन यह दिल्ली की हवा का दम भी घोट रही है। पिछले करीब डेढ़ माह से अच्छी या सामान्य श्रेणी में चल रही इस हवा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ 2) की मात्रा एक बार फिर बढऩे लगी है। आलम यह है कि लॉकडाउन-2 की तुलना में लॉकडाउन-3 के दौरान इसकी मात्रा में औसत 19 फीसद का इजाफा दर्ज किया गया है।

तुलनात्‍मक अध्‍ययन में नतीजे आए सामने

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने दिल्ली की हवा को लेकर लॉकडाउन-2 के अंतिम सप्ताह यानी 27 अप्रैल से 3 मई तक और लॉकडाउन-3 के पहले सप्ताह यानी 4 से 10 मई तक की अवधि में तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि लॉकडाउन-3 में हवा के प्रदूषक तत्वों में से प्रमुख तत्व एनओ 2 की मात्रा 19 फीसद तक बढ़ गई है।

25 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों पर हुआ अध्‍ययन

यह अध्ययन दिल्ली के 38 में से 25 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किया गया। 13 स्टेशनों पर उपलब्ध आंकड़े आधे-अधूरे थे। शाम 7 से 8 बजे के बीच एनओ 2 की मात्रा में सर्वाधिक 35 फीसद तक इजाफा हुआ है। आइटीओ और नरेला को छोड़कर ज्यादातर स्टेशनों पर यह इजाफा सात से 50 फीसद तक देखने को मिला। आठ मई को लोधी रोड पर 24 घंटे के दौरान एनओ 2 की मात्रा 87 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई जोकि उस दिन शहर की औसत मात्रा से चार गुना ज्यादा थी।

इस कारण बढ़ा प्रदूषण

अध्ययन के मुताबिक, हवा में प्रदूषण बढऩे की मुख्य वजह सड़कों पर वाहनों की संख्या बढऩा और कई जगह यातायात जाम के हालात पैदा होना है। मालूम हो कि एनओ 2 ही हाइड्रोकार्बन के साथ मिलकर ओजोन गैस बनाती है। लॉकडाउन में छूट से फिलहाल सड़कों पर पेट्रोल चालित वाहन ही चल रहे हैं। जब डीजल चालित वाहन भी चलने लगेंगे तो एन ओ 2 सहित अन्य प्रदूषक तत्वों की मात्रा में भी इजाफा होने की आशंका है।

एनओ 2 में सर्वाधिक वृद्धि वाले प्रमुख स्टेशन

स्टेशन इजाफा

श्री अरबिंदो मार्ग 108 फीसद

कर्णी सिंह शूटिंग रेंज 60 फीसद

लोधी रोड 60 फीसद

आर के पुरम 54 फीसद

लॉकडाउन-3 में 33 फीसद स्टाफ के साथ दिल्ली के ज्यादातर कार्यालय खुल गए हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। औद्योगिक इकाइयां भी शुरू हो रही हैं। इसी का पर्यावरण पर भी असर नजर आने लगा है।

अविकल सोमवंशी, प्रोग्राम मैनेजर, सस्टेनेबल सिटीज प्रोग्राम, सीएसई

Posted By: Prateek Kumar

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