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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AIIMS Cyber Attack: ई-हास्पिटल के डाटा को सर्वर पर बहाल करने का दावा, जल्द शुरू होंगी एम्स की डिजिटल सेवाएं

By Ranbijay Kumar SinghEdited By: JP Yadav
Published: Wed, 30 Nov 2022 05:10 AM (IST)Updated: Wed, 30 Nov 2022 07:15 AM (IST)

AIIMS Ransomware Attack साइबर सुरक्षा के लिए भी जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत दिल्ली स्थित एम्स में लगे ...और पढ़ें

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की फाइल फोटो।
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की फाइल फोटो।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। AIIMS Ransomware Attack दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सर्वर पर रैनसमवेयर के अटैक के आठवें दिन (बुधवार) भी अस्पताल की डिजिटल सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं। इस वजह से मैनुअल तरीके से पंजीकरण कर ही चिकित्सा सुविधाओं को जारी रखा गया है। इससे डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों को भी पिछले एक सप्ताह से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

सभी कंप्यूटर नेटवर्क को वायरस मुक्त करने का काम जारी

इस बीच एम्स प्रशासन ने मंगलवार रात को बयान जारी कर ई-हास्पिटल के डाटा को सर्वर पर बहाल कर लेने का दावा किया है। ऐसे में जल्द ही एम्स की डिजिटल सेवाएं शुरू हो सकती हैं। एम्स प्रशासन का कहना है कि ई-हास्पिटल के डाटा को सर्वर पर बहाल कर लिया गया है लेकिन सर्वर को शुरू करने से पहले संस्थान के पूरे कंप्यूटर नेटवर्क को वायरस मुक्त करने का काम किया जा रहा है।

फिलहाल मैनुअल तरीके से जारी रहेंगी सेवाएं

एम्स का कहना है कि संस्थान में बड़ी संख्या में कंप्यूटर होने के कारण प्रक्रिया में देर हो रही है। इस वजह से ओपीडी, वार्ड व लैब में अभी मैनुअल तरीके से ही जांच और इलाज की सुविधाएं जारी रहेंगी।

एक सप्ताह से जारी है दिक्कत

उल्लेखनीय है कि 23 नवंबर को एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक की घटना हुई थी। इसके बाद से एम्स में डिजिटल सेवाएं बंद है। डाक्टर शोध व मेडिकल के शिक्षण से संबंधित कार्यों के लिए मोबाइल के व्यक्तिगत इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

5000 में से सिर्फ 2000 कंप्यूटर की ही स्कैनिंग हो पाई

यह भी जानकारी मिली है कि  एम्स के 50 में से 30 सर्वर में एंटी वायरस डालकर स्कैन किया जा चुका है। बता दें कि एम्स में कुल 5000 कंप्यूटर हैं और उसमे से अभी करीब 2000 कंप्यूटरों की स्कैनिंग हो पाई है।