यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा के ख़िलाफ़ AAP का राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन, लगाया ये आरोप
मणिपुर में हिंसा और महिलाओं के साथ क्रूरता की घटनाओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी ने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। मणिपुर में हिंसा और महिलाओं के साथ क्रूरता की घटनाओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मणिपुर मामले पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया है।
AAP ने किया राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
बता दें कि मणिपुर की हालत लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया था। इस दौरान दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष राखी बिड़ला, दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय और विधायक जरनैल सिंह और राजेंद्र पाल गौतम सहित प्रदर्शनकारियों ने भी कैंडल मार्च में हिस्सा लिया।
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आप प्रवक्ता रीना गुप्ता ने कहा कि जब मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो वायरल हुआ, तो आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया। बिलकिस बानो के मामले में आरोपियों के साथ क्या हुआ, हम सभी जानते हैं। जब मणिपुर जल रहा था, प्रधान मंत्री विदेशी देशों का दौरा कर रहे थे। मुझे गुस्सा है कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में तीन महीने लग गए। हम ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होने देंगे।

पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल
जंतर-मंतर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिस पर 'मणिपुर पर मोदी मौन क्यों' (मणिपुर पर पीएम मोदी चुप क्यों हैं) जैसे नारे लिखे हुए थे। विरोध प्रदर्शन में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे। गोपाल राय ने कहा कि पूरे देश में आप के कार्यकर्ता आज मणिपुर को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर में लोगों के पेट और आबरू पर लात मारा जा रहा है। तो यकीन है 2024 में सत्ता से जा रहे हैं।
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आप विधायक दिलीप पांडे ने कहा कि मणिपुर की स्थिति पर विपक्ष अपने रुख पर एकजुट है। सभी विपक्षी नेता और सांसद इस लड़ाई में एकजुट हैं और वे वहां (संसद परिसर में) गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भले ही उन्होंने संसद के अंदर संजय सिंह को चुप कराने की कोशिश की, लेकिन वे बाहर की सच्चाई को चुप नहीं करा सकते।
