नई दिल्ली [निहाल सिंह]। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (एनडीएमसी) मुख्यालय पालिका केंद्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए बनाए गए इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का उपयोग कोरोना प्रबंधंन के लिए होगा। दिल्ली सरकार ने इसे कोविड प्रबंधंन पर आंकड़ों को एकत्रित करने और विश्लेषण करने के लिए शुरू किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने खुद इसका निरीक्षण कर इसकी जानकारी ली। इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगर हवा में निर्णय लेगी तो वह कभी भी सफल नहीं होंगे, लेकिन वहीं निर्णय अगर डाटा के आधार पर होंगे तो वह सार्थक और प्रभावशाली होंगे।

कोरोना के मामलों से लेकर अस्पतालों में प्रबंधंन का डाटा होगा एकत्रित

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम कोरोना की संभावित लहर को लेकर तैयार हैं। हमने अभी एक हजार आईसीयू बेड बढ़ाए हैं और आगे भी हमारी तैयारी जारी रहेगी। सभी का टीकाकरण बहुत जरुरी है। कई देशों का अनुभव बताता है कि बड़े स्तर पर टीकाकरण करने पर कोरोना को कम किया जा सकता है। हमने कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 67-67 लाख वैक्सीन मांगी है और लगभग इतनी ही वैक्सीन के लिए स्पूतनिक को भी लिखा है।

हर पल की जानकारी सेंटर पर होगी

मुख्यमंत्री ने कहा पूरी दिल्ली से कोरोना से संबंधित किस्म-किस्म का डेटा वास्तविक समय के आधार पर एकत्र किया जाएगा। इसका अर्थ है कि दिल्ली में हर पल की जानकारी इस सेंटर पर होगी। अगर, हम ऑक्सीजन की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितनी आक्सीजन है, कौन सा हमारा आक्सीजन का टैंकर निकल चुका है और वह कहां तक पहुंचा है, उसकी जीपीएस से ट्रैकिंग होगी।

पता चलेगी बेड की स्थिति

वहीं, अगर हम अस्पतालों की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं, कितने आईसीयू के बेड खाली हैं, कितने आक्सीजन के बेड खाली हैं। उसी तरह, कितने लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, कितने लोगों को किस उम्र समूह (एज ग्रुप) में वैक्सीन लग चुकी है। साथ ही, किस एरिया में कितने मरीज हैं, कितने एक्टिव मरीज है और कितने मरीज ठीक हो चुके हैं, यह सारा डेटा यहां पर एकत्र होना शुरू हुआ है। इस अवसर पर एनडीएमसी के चेयरमैन धर्मेंद्र और सचिव बीएम मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।