नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से व्यापारी चिंतित हैं। इस बीच कारोबारी संगठन चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (‌डीडीएमए) को पत्र लिखकर मांग कि है कि दिल्ली में अभी लाकडाउन या आरेंज अलर्ट नहीं लगाया जाए। बता दें कि आज सोमवार को डीडीएमए की बैठक होनी है। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण दर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बैठक में कोरोना की वर्तमान स्थिति और हालात को देखते हुए अन्य पाबंदियों पर भी निर्णय हो सकता है। अभी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत "येलो' अलर्ट की पाबंदियां लागू हैं।

व्यापारियों को सता रहा आरेंज अलर्ट का डर

सीटीआइ के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह कोरोना संक्रमण दर बढ़ रही है, उससे व्यापारियों में लाकडाउन या आरेंज अलर्ट का डर सता रहा है। लाकडाउन में जहां सभी प्रकार की गतिविधियां थम जाएंगी, वहीं आरेंज अलर्ट ही लागू हुआ तब भी बाजार व फैक्ट्रियों के साथ ही 90 प्रतिशत तक अन्य गतिविधियां बंद हो जाएगी।

इन चीजों पर होगा निर्णय कि मामला कितना गंभीर

बृजेश गोयल ने कहा कि डीडीएमए की बैठक में सिर्फ संक्रमण के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए। बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि यह कितना गंभीर है और स्वास्थ्य ढांचे पर इसका कितना बोझ बढ़ रहा है। कोई भी निर्णय लेते समय यह देखा जाना चाहिए कि बीमार कितने लोगों में मामूली लक्षण है और कितने लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

येलो अलर्ट ही रखा जाए जारी

उन्होंने कहा कि ग्रेप की पाबंदियां कोरोना के पिछले वैरिएंट डेल्टा की खतरनाक स्थिति तो देखते हुए बनी थी, मगर ओमिक्रोन उतना खतरनाक नहीं है। जाहिर है कि अभी कोरोना के मामले बढ़े जरूर हैं, लेकिन ये घातक नहीं हैं। सीटीआइ ने डीडीएमए से आग्रह किया है कि अभी "येलो' अलर्ट को ही जारी रखा जाए।

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Edited By: Prateek Kumar