नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवासीय योजना का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले 2019 की शुरुआत में यह योजना लॉन्च हो जाएगी। हालांकि योजना में फ्लैटों की संख्या घटा दी गई है, जो फ्लैट रहेंगे, उनमें भी ईडब्ल्यूएस फ्लैट ज्यादा होंगे। इस योजना में शामिल ज्यादातर फ्लैट रोहिणी व नरेला में होंगे।

यहां बता दें कि मौजूदा वर्ष में डीडीए की आवासीय योजना का दिल्ली के लोग इंतजार ही करते रहे। दरअसल पहले सीलिंग, फिर मास्टर प्लान में बार- बार के बदलाव, आवास योजना के प्रमुख आयुक्त की भ्रष्टाचार में गिरफ्तारी सहित कई अन्य कारणों के चलते योजना लांच ही नहीं हो सकी।

डीडीए सूत्रों के मुताबिक नई आवासीय योजना की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। कोशिश की जा रही है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा यानी आचार संहिता लागू होने से पहले फरवरी- मार्च तक इसे लॉन्च दिया जाए।

वर्ष 2018 में जो योजना आनी थी, उसमें 21 हजार फ्लैट थे, लेकिन 2019 की नई योजना में इसे घटाकर 15 हजार के आसपास रखा जा रहा है। इनमें भी 50 फीसद तक ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट रहेंगे, शेष एलआइजी और एमआइजी फ्लैट होंगे। सूत्र बताते हैं कि इस बार की योजना में एक भी एचआइजी फ्लैट नहीं रहेगा। अधिकांश फ्लैट रोहिणी व नरेला इलाके में होंगे।

डीडीए अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में अभी काफी जगह खाली है। शहर के विस्तार की सर्वाधिक संभावना यहीं पर नजर आ रही है। इसलिए यहां स्कूल और अस्पताल के प्लॉट भी जल्द ही निकाल दिए जाएंगे।

बताया जाता है कि इस बार डीडीए इस कोशिश में भी है कि सभी फ्लैटों में बिजली, पानी, रंग रोगन एवं सड़क इत्यादि बुनियादी सुविधाएं पहले से ही सुनिश्चित करा दी जाएं। साथ ही फ्लैटों की कीमत भी बाजार दर के अनुरूप ही रहे। यही नहीं फ्लैटों की छतों पर सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे ताकि लिफ्ट, पार्किंग, सडक और पार्क इत्यादि में कॉमन लाइटिंग की व्यवस्था की जा सके।

डीडीेए उपाध्यक्ष तरुण कपूर का कहना है कि नई योजना से संबद्ध औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारी कोशिश इसे बहुत ही जल्द लांच करने की है। प्रयास है कि इस बार आवेदकों और आवंटियों को उन समस्याओं का सामना न करना पड़े, जिनसे वे पहले की योजनाओं में जूझते रहे हैं।