नई दिल्ली,जेएनएन। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश और एक पत्रिका के संपादक व रिपोर्टर के खिलाफ दायर की गई मानहानि याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान विवेक डोभाल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। पटियाला हाउस की विशेष अदालत में विवेक डोभाल ने कहा कि पत्रिका में जो प्रकाशित किया गया और उसके बाद जयराम रमेश ने जो बयान दिया, वह आधारहीन है। इससे पहले विवेक की तरफ से कोर्ट में कहा गया था कि उनके पिता को टारगेट करने के लिए उनके परिवार के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। शिकायतकर्ता पक्ष की तरफ से दो गवाहों के बयान भी अगली सुनवाई पर दर्ज किए जाएंगे। इनमें विवेक डोभाल के दोस्त निखिल डोभाल और व्यापार में सहयोगी अमित शर्मा शामिल हैं।

डोभाल ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत पहले पत्रिका में लेख छापा गया और 17 जनवरी को कांग्रेस नेता जयराम ने प्रेस वार्ता कर इसे आगे बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि जयराम रमेश और पत्रिका की रिपोर्ट में उनके परिवार को डी-कंपनी के रूप में पेश किया है, जो संदेहास्पद निवेश और एक तरह से मनी लॉंड्रिंग के धंधे में लिप्त है।

यही नहीं, उनकी हेज फंड की कंपनी को 2016 के नोटबंदी से जोड़कर दिखाया गया। उनके अनुसार, उनकी कंपनी में कुल 77 करोड़ रुपये का हेज फंड है, जिसे पांच लोगों ने अपनी वैध कमाई से लगाया था। लेकिन, जयराम रमेश ने केमन आइलैंड को टैक्स हैवन बताते हुए नोटबंदी के दौरान वहां से भारत में हुए 8000 करोड़ रुपये के निवेश से उनकी कंपनी को जोड़ दिया।

 

Posted By: Prateek Kumar

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