नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के इकलौते बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मर्डर मिस्ट्री में तब्दील हो गई है। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि हत्या है। इस बीच रोहित के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि रोहित के परिवार के सदस्य शनवार को जांच की कड़ी में अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। 

वहीं रोहित की मौत भी कई सवाल छोड़ गई है, जिन्हें सुलझाना क्राइम ब्रांच के लिए चुनौती साबित होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं सवालों में रोहित की मौत का राज भी छिपा हुआ है।

रोहित का शव जहां मिला वहां सबकुछ सामान्य कैसे मिला ? रोहित का शव मिलने के बाद पुलिस दो दिन तक इसे सामान्य मौत मानती रही, जबकि ऐसा नहीं था, जांच बारीकी से नहीं की गई।

दरअसल इसके पीछे वजह यह थी कि पुलिस को शव मिलने वाले स्थान पर कोई थी क्राइम सीन नजर नहीं आया। वहां सबकुछ सामान्य था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या सबकुछ व्यवस्थित करने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल क्राइम ब्रांच इस पर जांच कर रही है। चार बजे तक रोहित को किसी ने जगाया क्यों नहीं ? रोहित शेखर कोटद्वार से वोट डालकर सोमवार की रात लौटे थे। अगले दिन मंगलवार शाम चार बजे तक कोई उन्हें जगाने क्यों नहीं गया। यदि उनकी तबीयत खराब थी तो उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया?

उधर, पुलिस का कहना है कि नींद नहीं आने पर वह अक्सर नींद की दवा लेते थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि सोमवार रात घर लौटने के बाद उन्होंने नींद की गोली ली या कोई नशा तो नहीं किया। सोमवार को किन लोगों से बात हुई और कौन संपर्क में रहा ?

पुलिस यह पता लगा रही है कि कोटद्वार से दिल्ली आते समय सोमवार को रोहित के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। उनके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालकर जांच की जा रही है। शक होने पर उन तमाम लोगों से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस परिवार से जुड़े तीन अन्य लोगों के सीडीआर भी खंगाल रही है। कहीं योजना के तहत तो नहीं उज्ज्वला को अस्पताल भेजा ? मंगलवार को उज्ज्वला शर्मा इलाज कराने मैक्स अस्पताल गई थी।

वहीं पर घरेलू सहायक ने उन्हें फोन कर बताया कि रोहित की नाक से खून आ रहा है और शरीर ठंडा पड़ा है। इस पर उन्होंने मैक्स अस्पताल की एम्बुलेंस को रोहित को लाने के लिए घर भेजा था। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित करने के बाद पुलिस को सूचना दी थी। ऐसे में पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं योजना के तहत उज्ज्वला को अस्पताल तो नहीं भेज दिया गया।

सच्चाई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आएगी। रोहित की मौत के समय घर में उनके बड़े भाई सिद्धार्थ तिवारी, पत्नी अपूर्वा समेत घरेलू सहायक व अन्य लोग मौजूद थे। पति-पत्‍‌नी में किस हद तक खराब थे संबंध ? रोहित की शादी के एक साल पहले ही हुई थी। फिर भी पति-पत्नी के बीच मधुर संबंध नहीं थे। क्राइम ब्रांच यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों के संबंध किस हद तक खराब थे। इसके साथ ही बड़े भाई से संपत्ति को लेकर कुछ मनमुटाव तो नहीं था। यह भी देखा जा रहा है। उज्ज्वला किस बात का पर्दाफाश करना चाहती थीं ? घटना वाले दिन उज्ज्वला शर्मा ने कहा था कि वह समय आने पर पर्दाफाश करेंगी। यह बात भी जांच अधिकारियों को खटक रही है।

दरअसल अधिकारी यह जानना चाह रहे हैं कि ऐसा कौन सा राज है। जिसका समय आने पर उज्ज्वला पर्दाफाश करने की बात कह रहीं थीं। रोहित को थी दिल की बीमारी रोहित शेखर तिवारी लंबे समय से दिल की बीमारी से ग्रसित थे। सूत्रों के अनुसार पहली बार वर्ष 2007 में 26 वर्ष की उम्र में उन्हें दिल की बीमारी का पता चला था। इसके बाद रोहित की सर्जरी कराई गई थी।

वहीं, दोबारा समस्या आने पर वर्ष 2018 में साकेत के मैक्स अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था। यहीं से उनका उपचार चल रहा था। दिल के अलावा रोहित गेस्ट्रोलॉजी और स्लीपिंग डिसऑर्डर से भी ग्रसित थे। पुलिस चिकित्सकों से बात कर रोहित कौन सी दवाएं खाते थे। इसकी भी जानकारी जुटाएगी।

1. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि सोमवार रात घर लौटने के बाद उन्होंने नींद की गोली ली या कोई नशा तो नहीं किया।

2. अधिकारी यह जानना चाह रहे हैं कि ऐसा कौन सा राज है। जिसका समय आने पर उज्ज्वला पर्दाफाश करने की बात कह रहीं थीं।

3. रोहित की मौत के समय घर में उनके बड़े भाई सिद्धार्थ तिवारी, पत्नी अपूर्वा समेत घरेलू सहायक व अन्य लोग मौजूद थे। पति-पत्‍‌नी में किस हद तक खराब थे संबंध ?

4. बड़े भाई से संपत्ति को लेकर कुछ मनमुटाव तो नहीं था।

5. रोहित का शव जहां मिला वहां सबकुछ सामान्य कैसे मिला ?

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