नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी में पटाखों की बिक्री व खरीद पर लगे प्रतिबंध को देखते हुए निगम ने भी इसे लागू करने के लिए कमर कस ली है। निगम ने इसके लिए जोनल स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की जिम्मेदारी पटाखों पर प्रतिबंध को लागू रखने के साथ खरीद व बिक्री रोकना है। निगम ने अपने सभी पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं विभाग (डेम्स), फेक्ट्री लाइसेंसिग, जनरल ब्रांच और तहबाजारी विभाग को इसको लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि इसे वह गंभीरता से लागू कराए। निगम के सभी क्षेत्रीय आयुक्तों ने इस संबंध में आदेश जारी करके इन विभागों को दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

पूर्णत: प्रतिबंध के आदेश

निगम के एक अधिकारी ने बताया कि वायु प्रदूषण के मद्देनजर एनजीटी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति(डीपीसीसी) ने पटाखों के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध के आदेश दिए हैं। इसके तहत 29 सितंबर से लेकर एक जनवरी 2023 तक यह प्रतिबंध लागू होगा। इसलिए सभी जोन के निर्देश दिए गए हैं कि डेम्स, लाइसेंसिंग, तहबाजारी और जनरल ब्रांच के कर्मचारियों और अधिकारियों का उपयोग कर इसे लागू कराए।

शादियों में होती है आतिशबाजी

दक्षिणी जोन द्वारा बृहस्पतिवार को जारी आदेश के तहत सफाई विभाग के सफाई अधीक्षक, मुख्य सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, सहायक सफाई निरीक्षक, फेक्ट्री लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर, रिकार्ड कीपर को इस प्रतिबंध को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह लोग आनलाइन पटाखों की बिक्री के प्रतिबंध को लागू करने का प्रयास करेंगे। वैसे समान्यत: पटाखों का उपयोग दीपावली के साथ गोवर्धन पूजा और क्रिसमस के साथ नव वर्ष पर किया जाता है। शादियों में भी बड़ी मात्रा में पटाखों से आतिशबाजी की जाती है।

हर वार्ड स्तर में होती है टीम

निगम ने जिन विभागों की पटाखों पर प्रतिबंध के लिए तैनाती की है उसमें डेम्स विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती वार्ड स्तर पर हैं। इतना ही नहीं फेक्ट्री लाइसेंसिग से लेकर जनरल ब्रांच के कर्मचारी भी वार्ड स्तर पर निरीक्षण करते हैं। ऐसे में जो भी व्यक्ति प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस पर एनजीटी के नियमों के तहत चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।

Edited By: Prateek Kumar

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