नई दिल्ली, जेएनएन। 1984 में विभिन्न क्षेत्रों में हुए सिख दंगों में से एक मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में हुई। इस दौरान महिला गवाह चाम कौर ने कहा कि सज्जन कुमार भीड़ को दिशा-निर्देश दे रहे थे और सिखों को मारने के लिए कह रहे थे। जिरह के दौरान सज्जन कुमार के वकील ने कौर से पूछा कि पहले कभी सज्जन कुमार का नाम नहीं लिया? इस पर कौर ने जवाब दिया कि वह पहले भी कई दफा सज्जन कुमार का नाम जांच टीम को बता चुकी हैं। वह सज्जन कुमार को अच्छी तरह पहचानती हैं। जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने सुनवाई को 28 मार्च तक स्थगित कर दिया। अगली सुनवाई पर दूसरे गवाह के बयान दर्ज किए जाएंगे।

पिछले साल नवंबर में हुई सुनवाई के दौरान चाम कौर ने सज्जन कुमार को अदालत में पहचाना था। कौर ने अदालत को बताया था कि सुल्तानपुरी क्षेत्र में एक दंगा हुआ था, जिसमें सज्जन कुमार अपने लोगों को हिदायत दे रहे थे। सज्जन कुमार कह रहे थे कि इन सिखों ने हमारी मां को मारा है।

कौर ने कोर्ट को बताया था कि 1 नवंबर 1984 को जब वह अपनी बकरी को तलाश रही थी, तब सज्जन कुमार भीड़ से कह रहे थे कि हमारी मां मार दी, सरदारों को मार दो। कौर के मुताबिक भीड़ ने उनके बेटे कपूर सिंह, पिता सरदार जी ¨सह को भी काफी मारा और छत से नीचे फेंक दिया था। बता दें कि दंगे से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट से उम्र कैद की सजा हो चुकी है।

पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के बाद भड़के थे दंगे
31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके सिख अंगरक्षकों ने कर दी थी। इसके अगले ही दिन दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों के कारण देश के कई राज्यों में हत्या और आगजनी जैसी कई वारदात हुई थीं। इन दंगों में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में मौत दिल्ली में हुई थीं।

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